पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा बिश्वास के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह कदम कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में देश छोड़कर भागने की आशंका के चलते उठाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला तथाकथित “सोना पप्पू सिंडिकेट” से जुड़ा हुआ है। ED इससे पहले भी इस केस में कार्रवाई करते हुए शांतनु सिन्हा के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है और उनसे पूछताछ भी की गई थी।
बताया जा रहा है कि शांतनु सिन्हा पहले कालीघाट थाना क्षेत्र में तैनात रह चुके हैं, जो राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। इस वजह से यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
क्या है ‘सोना पप्पू सिंडिकेट’ मामला?
इस केस का केंद्र दक्षिण कोलकाता का एक रियल एस्टेट कारोबारी बताया जा रहा है, जिस पर कई आपराधिक मामलों के आरोप हैं। ED के अनुसार, फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों से बड़ी रकम लेने और वादे पूरे न करने की शिकायतों के बाद इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत जांच शुरू की गई।
अप्रैल 2026 में ED ने इस केस से जुड़े कई ठिकानों—जिनमें आनंदपुर और अलीपुर इलाके शामिल हैं—पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन और संभावित मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच कर रही है।
इसके अलावा, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस मामले से जुड़े व्यक्तियों पर हिंसा और आपराधिक गतिविधियों के आरोप भी लगाए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
जांच जारी, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल ED की कार्रवाई के बाद मामला सुर्खियों में है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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