भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब यह मामला केवल पारिवारिक विवाद या सामान्य जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें राजनीतिक, प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर भी बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच, दोबारा पोस्टमार्टम और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार मामले की गंभीरता से जांच कराएगी और आवश्यक होने पर सीबीआई जांच के लिए पत्र लिखा जाएगा।
मुख्यमंत्री से मुलाकात, CBI जांच की तैयारी
ट्विशा शर्मा के परिजन मंगलवार को भोपाल मंत्रालय पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान परिवार के साथ वर्दी सोशल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष और पूर्व मेजर जनरल श्याम सुंदर श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
परिजनों ने मांग की कि—
- मामले की निष्पक्ष जांच हो
- दूसरा पोस्टमार्टम कराया जाए
- आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और सीबीआई को पत्र लिखने पर विचार किया जाएगा। हालांकि दूसरे पोस्टमार्टम पर अंतिम निर्णय अदालत लेगी।
Twisha Sharma death case | According to sources, the Madhya Pradesh government will write to the CBI for an investigation into the case, and if the family requests, transportation will be provided to take the body to AIIMS, Delhi. https://t.co/ItLA68xO7f
— ANI (@ANI) May 20, 2026
सुप्रीम कोर्ट की वकील सीमा समृद्धि कुशवाहा केस में शामिल
इस केस ने अब बड़ा कानूनी मोड़ ले लिया है। परिवार ने सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा को अपना वकील नियुक्त किया है। उन्होंने निर्भया केस में भी पीड़िता के परिवार की ओर से पैरवी की थी।
परिवार का मानना है कि इससे केस को मजबूत कानूनी दिशा मिलेगी और न्याय की लड़ाई को मजबूती मिलेगी।
परिवार के गंभीर आरोप: प्रभावशाली लोगों का दबाव
ट्विशा के भाई आशीष शर्मा ने आरोप लगाया है कि मामला बेहद प्रभावशाली लोगों से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण उन्हें न्याय प्रक्रिया में कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
उनके अनुसार—
- FIR दर्ज करने में देरी हुई
- पुलिस से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला
- एक आरोपी को अग्रिम जमानत सुनवाई के दौरान कोर्ट बदला गया
- स्थानीय स्तर पर वकील मिलने में भी कठिनाई हुई
फिलहाल स्थानीय अधिवक्ता अंकुर पांडे केस की पैरवी कर रहे हैं।
सास गिरिबाला सिंह पर कार्रवाई की मांग तेज
परिजनों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि—
- गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है
- ऐसे में संवैधानिक पद पर बने रहना उचित नहीं है
गिरिबाला सिंह वर्तमान में जिला उपभोक्ता आयोग की बेंच-2 की अध्यक्ष हैं और पूर्व में भोपाल में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश भी रह चुकी हैं।
पति समर्थ सिंह फरार
मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह भी आरोपी हैं और फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनके खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है और जांच जारी है।
मामला क्यों गंभीर है?
यह मामला अब केवल एक संदिग्ध मौत नहीं बल्कि—
- न्यायिक प्रक्रिया
- प्रशासनिक जवाबदेही
- और उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों की भूमिका
जैसे संवेदनशील पहलुओं से जुड़ता जा रहा है।
परिजन लगातार निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार ने भी मामले में गंभीर रुख अपनाने का आश्वासन दिया है।
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