कोलकाता में सीमा सुरक्षा से जुड़ा एक अहम घटनाक्रम सामने आया है, जहां पश्चिम बंगाल सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने और सीमा सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को जमीन सौंपने पर सहमति जताई है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने BSF अधिकारियों की मौजूदगी में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य सरकार लगभग 27 किलोमीटर भूमि, साथ ही कुछ बॉर्डर आउट पोस्ट (BOP) और BSF के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए आवश्यक जमीन देने को तैयार है।
सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम
सीएम सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, लंबे समय से BSF और केंद्र सरकार राज्य सरकार से भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि—
- पिछली राज्य सरकार ने इस अनुरोध पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया
- कई स्थानों पर भूमि हस्तांतरण में देरी के कारण सीमा सुरक्षा प्रभावित हुई
- सहयोग न मिलने से सुरक्षा ढांचे पर असर पड़ा
#WATCH | Kolkata: "…We are ready to hand over 27 km of land for fencing, along with a few BOP (Border Outpost) land, and BSF infrastructure development land, says West Bengal CM Suvendu Adhikari, addressing the media over border security, in the presence of BSF officers.… pic.twitter.com/STRzMR0Jt0
— ANI (@ANI) May 20, 2026
“देशभक्ति सरकार ने लिया त्वरित फैसला”
सीएम ने दावा किया कि नई राज्य सरकार ने इस दिशा में तेजी दिखाई है और केवल दो हफ्तों के भीतर ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार—
- सीमा पर 27 किमी भूमि BSF को सौंपने को तैयार है
- BOP (Border Out Posts) के लिए जमीन उपलब्ध कराएगी
- BSF के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में सहयोग करेगी
सीमा सुरक्षा पर फोकस
भारत-बांग्लादेश सीमा कई राज्यों से होकर गुजरती है और इस क्षेत्र में घुसपैठ, तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए बाड़बंदी और मजबूत सीमा चौकियों को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
BSF लंबे समय से इस क्षेत्र में—
- फेंसिंग
- निगरानी व्यवस्था
- और बुनियादी ढांचे के विस्तार
के लिए राज्य सरकारों से भूमि सहयोग की मांग करता रहा है।
राजनीतिक और सुरक्षा दोनों दृष्टि से अहम फैसला
यह निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सीमा सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य के बीच तालमेल अक्सर चर्चा में रहता है।
इस कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि—
- सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी
- अवैध घुसपैठ पर नियंत्रण बढ़ेगा
- BSF की तैनाती और निगरानी क्षमता बेहतर होगी
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