हरियाणा के गुरुग्राम में रिटायर्ड कर्नल के घर हुई हाई-प्रोफाइल डकैती की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपित एक संगठित गिरोह का हिस्सा हैं और इनके खिलाफ दिल्ली, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती और चोरी समेत 24 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
खिड़की की ग्रिल काटकर घर में घुसे थे बदमाश
पुलिस जांच के अनुसार, 4 जून की सुबह आरोपितों ने रिटायर्ड कर्नल के घर को निशाना बनाया। बदमाश घर के पीछे की खिड़की की लोहे की ग्रिल काटकर अंदर दाखिल हुए और परिवार को बंधक बना लिया।
आरोप है कि उन्होंने कर्नल की पत्नी और बेटी को डराकर घर में मौजूद सोने-चांदी के आभूषण, हीरे के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
लोकेशन ट्रैक कर पुलिस ने दबोचा
घटना की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से आरोपितों तक पहुंच बनाई। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बजघेड़ा अंडरपास के पास मौजूद हैं।
जब पुलिस ने उन्हें घेरने का प्रयास किया तो चारों आरोपित भागने लगे। बचने की कोशिश में उन्होंने अंडरपास में छलांग लगा दी, जिससे तीन आरोपितों के पैरों में फ्रैक्चर हो गया जबकि एक आरोपी का हाथ टूट गया।
घायल आरोपितों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की पहचान इस प्रकार बताई है:
- हिलाल
- मामो खान
- मोहम्मद खैरुल उर्फ अरमान
- मोहम्मद मामन
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से वारदातों को अंजाम दे रहा था।
पहले रेकी, फिर बड़ी वारदात
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरोह का काम करने का तरीका बेहद सुनियोजित था। आरोपी पहले संपन्न परिवारों और बड़े मकानों की रेकी करते थे। इसके बाद घर के सदस्यों की दिनचर्या और सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन कर वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस का दावा है कि डकैती के बाद आरोपी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग राज्यों में चले जाते थे और कई मामलों में बांग्लादेश लौटने की भी कोशिश करते थे।
कई राज्यों में फैला आपराधिक नेटवर्क
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपितों के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में हत्या, डकैती, लूट और चोरी के 24 से अधिक मामले दर्ज हैं।
अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और संभावित नेटवर्क के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
अन्य मामलों की भी हो रही जांच
गुरुग्राम पुलिस अब आरोपितों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह ने और किन-किन स्थानों पर वारदातों को अंजाम दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े अन्य खुलासे भी सामने आ सकते हैं।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel