कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो से जुड़े विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। मेडिकल छात्रों के राष्ट्रीय संगठन ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने शवों और शरीर दान करने वालों को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन ने इसे असंवेदनशील, गैर-जिम्मेदाराना और मेडिकल नैतिकता के खिलाफ बताया है।
AIMSA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि मेडिकल शिक्षा में शरीर दान करने वाले लोग सबसे महत्वपूर्ण योगदानकर्ताओं में शामिल होते हैं और उन्हें सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए। संगठन का कहना है कि मनोरंजन या कॉमेडी के नाम पर मानव शवों का मजाक बनाना न केवल अनुचित है बल्कि यह चिकित्सा पेशे के मूल नैतिक सिद्धांतों का भी उल्लंघन है।
The All India Medical Students' Association (AIMSA) strongly condemns the insensitive, irresponsible, and deeply disrespectful portrayal of cadavers and body donors for the purpose of entertainment or comedy by Pranit More (Comedian) and others.
AIMSA tweets, "Body donors are… pic.twitter.com/pybemj7nVp
— ANI (@ANI) June 12, 2026
AIMSA ने जताई कड़ी नाराजगी
अपने आधिकारिक बयान में AIMSA ने कहा कि शरीर दान करने वाले लोग मेडिकल छात्रों की शिक्षा की नींव होते हैं। डॉक्टर बनने की प्रक्रिया में मेडिकल छात्रों को मानव शरीर की संरचना समझाने में दान किए गए शवों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
संगठन ने कहा कि ऐसे व्यक्तियों और उनके योगदान का सम्मान करना प्रत्येक मेडिकल छात्र और समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि किसी मंच पर शवों या शरीर दान करने वालों का मजाक उड़ाया जाता है, तो यह पूरी चिकित्सा बिरादरी की भावनाओं को आहत करता है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग
AIMSA ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। संगठन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से अनुरोध किया है कि ऐसे कंटेंट के प्रसारण और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
संगठन ने अपने बयान में कहा कि इस तरह के कंटेंट को बढ़ावा देना सामाजिक संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों के खिलाफ है।
स्वास्थ्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और NMC को भी लिखा संदेश
AIMSA ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से भी इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की है।
संगठन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जवाबदेही तय की जानी चाहिए और आवश्यक होने पर उचित कार्रवाई भी की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद
हाल के दिनों में कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें मेडिकल कॉलेजों में उपयोग किए जाने वाले शवों को लेकर हुई बातचीत पर विवाद खड़ा हो गया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने नाराजगी जताई और शरीर दान करने वालों के सम्मान को लेकर सवाल उठाए।
इसी विवाद के बीच AIMSA का यह बयान सामने आया है, जिसने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है।
‘दानकर्ता का सम्मान करें, मानवता का सम्मान करें’
AIMSA ने अपने संदेश के अंत में कहा कि समाज को शरीर दान करने वाले लोगों के योगदान का सम्मान करना चाहिए।
संगठन ने कहा:
“दानकर्ता का सम्मान करें। मेडिकल नैतिकता का सम्मान करें। मानवता का सम्मान करें।”
मेडिकल समुदाय का मानना है कि शरीर दान करने वाले लोग चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए अमूल्य योगदान देते हैं और उनके प्रति संवेदनशीलता एवं सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।
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