उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में सरकारी जमीनों पर कार्रवाई के तहत प्रशासन ने बड़ी पहल करते हुए मिलक तहसील के अस्दुल्लापुर गांव में करीब सवा दो बीघा भूमि को कब्जामुक्त कराया है। प्रशासनिक जांच और कानूनी समीक्षा के बाद इस जमीन की राजस्व प्रविष्टि को निरस्त कर पुनः सरकारी खाते में दर्ज किया गया।
उप जिलाधिकारी अनुराग सिंह के नेतृत्व में राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी और अन्य संसाधनों की सहायता से भूमि को खाली कराया। अधिकारियों के अनुसार, जमीन की अनुमानित बाजार कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है।
शिकायतों के बाद हुई जांच
प्रशासन को इस भूमि के संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों के आधार पर राजस्व अभिलेखों और भूमि रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराई गई। जांच के दौरान पता चला कि संबंधित गाटा संख्या की भूमि मूल रूप से बंजर और पुरानी परती श्रेणी में दर्ज थी।
हालांकि वर्ष 2016 में राजस्व अभिलेखों में इसकी प्रविष्टि बदलकर कर्बला के रूप में दर्ज कर दी गई थी। प्रशासन ने मामले की कानूनी समीक्षा कराई, जिसके बाद इस प्रविष्टि को निरस्त कर दिया गया।
सरकारी खाते में बहाल हुई जमीन
अधिकारियों के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भूमि को उसकी मूल श्रेणी में बहाल करते हुए दोबारा सरकारी खाते में दर्ज कर लिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जमीन किसी एक व्यक्ति के निजी कब्जे में नहीं थी, बल्कि स्थानीय मुस्लिम समुदाय द्वारा सार्वजनिक रूप से कर्बला के रूप में उपयोग की जा रही थी।
मोहर्रम में किया जाता था उपयोग
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस भूमि का उपयोग वर्षों से मोहर्रम के अवसर पर ताजिए दफनाने और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि यह स्थान लंबे समय से कर्बला के रूप में पहचाना जाता था।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि भूमि की वैधानिक स्थिति और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की गई है।
भविष्य में सरकारी योजनाओं के लिए होगा उपयोग
प्रशासन ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि का उपयोग भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं, आवासीय परियोजनाओं, सार्वजनिक सुविधाओं या अन्य विकास कार्यों के लिए किया जा सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और राजस्व अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जिले में ऐसे मामलों की समीक्षा लगातार जारी रहेगी।
राजस्व रिकॉर्ड की जांच पर प्रशासन का जोर
रामपुर प्रशासन ने संकेत दिया है कि जिले में अन्य विवादित या परिवर्तित राजस्व प्रविष्टियों की भी समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी सरकारी भूमि की प्रविष्टि नियमों के विपरीत बदली गई पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को जिले में सरकारी भूमि संरक्षण अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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