ब्रिटेन के पीटरबरो शहर में स्थित 40 वर्ष पुराने ‘भारत हिंदू समाज’ मंदिर की जमीन को लेकर बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर प्रशासन ने आरोप लगाया है कि पीटरबरो सिटी काउंसिल ने मंदिर से जुड़ी जमीन को एक इस्लामिक संगठन को बेच दिया, जिसके बाद हिंदू समुदाय के सामने अपने धार्मिक केंद्र के भविष्य को लेकर चिंता पैदा हो गई है।
मामला अब ब्रिटेन के हाई कोर्ट तक पहुँच गया है, जहाँ मंदिर प्रबंधन ने काउंसिल के फैसले को चुनौती देते हुए इसे रद्द करने की माँग की है।
1986 से हिंदू समुदाय का प्रमुख धार्मिक केंद्र
पीटरबरो स्थित ‘भारत हिंदू समाज’ मंदिर वर्ष 1986 से स्थानीय हिंदू समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह केवल पूजा का स्थल नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में बसे हिंदू समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
मंदिर पक्ष का दावा है कि वे वर्ष 2017 से संबंधित भूमि को खरीदने के लिए काउंसिल के साथ बातचीत कर रहे थे।
इस्लामिक संगठन को भूमि बिक्री पर विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब पीटरबरो सिटी काउंसिल ने फरवरी 2026 में कथित रूप से इस जमीन का स्वामित्व United Kingdom Islamic Mission (UKIM) को बेचने का निर्णय लिया।
मंदिर प्रशासन का आरोप है कि इस फैसले से स्थानीय हिंदू समुदाय को अपने धार्मिक केंद्र से वंचित होने का खतरा पैदा हो सकता है। वहीं, इस्लामिक संगठन और काउंसिल का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानूनी और निर्धारित नियमों के अनुसार की गई है।
हाई कोर्ट में मंदिर पक्ष की दलीलें
हाई कोर्ट में मंदिर प्रशासन की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि भूमि बिक्री की प्रक्रिया में उचित विचार नहीं किया गया और हिंदू समुदाय के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
मंदिर पक्ष ने यह भी दावा किया कि इस फैसले का स्थानीय हिंदू समुदाय पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा क्योंकि क्षेत्र में उनके पास वैकल्पिक धार्मिक स्थल सीमित हैं।
सुनवाई के दौरान समान अवसर और समुदायों के अधिकारों से जुड़े पहलुओं का भी उल्लेख किया गया।
काउंसिल ने फैसले को बताया कानूनी
दूसरी ओर, पीटरबरो सिटी काउंसिल ने अदालत में अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि भूमि बिक्री की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी थी।
काउंसिल के प्रतिनिधियों का कहना है कि कई वर्षों तक विभिन्न प्रस्तावों और विकल्पों पर विचार करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया गया था। उन्होंने किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोपों को खारिज किया है।
कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें
मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में जारी है और न्यायालय दोनों पक्षों की दलीलें सुन रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल भूमि विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक समुदायों के अधिकारों, स्थानीय प्रशासनिक निर्णयों और सार्वजनिक संपत्ति के उपयोग से जुड़े व्यापक प्रश्न भी उठाता है।
अब सभी की निगाहें हाई कोर्ट के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में इस विवाद की दिशा तय कर सकता है।
स्थानीय समुदाय में बढ़ी चिंता
इस विवाद ने पीटरबरो और ब्रिटेन के अन्य हिस्सों में रहने वाले हिंदू समुदाय के बीच चिंता बढ़ा दी है। कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने मामले पर अपनी नजर बनाए रखी है और न्यायिक प्रक्रिया के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
फिलहाल, अंतिम निर्णय अदालत के आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।
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