उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त नीति का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। गाजियाबाद से सामने आए एक वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा है, जिसमें कई चिन्हित अपराधी हाथों में पोस्टर लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगते नजर आए। पोस्टरों पर लिखा था, “योगी जी हमें माफ कर दो, कसम खाते हैं कि भविष्य में कभी अपराध नहीं करेंगे।”
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब गाजियाबाद पुलिस ने अपराधियों के सत्यापन और चिन्हीकरण अभियान को तेज कर दिया। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य पुराने और चिन्हित अपराधियों की वर्तमान गतिविधियों पर नजर रखना तथा उनके रिकॉर्ड को अपडेट करना है।
सत्यापन अभियान से बढ़ी अपराधियों की बेचैनी
गाजियाबाद पुलिस की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जिनका आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चिन्हित अपराधी वर्तमान में क्या कर रहे हैं और कहीं वे किसी नई आपराधिक गतिविधि में शामिल तो नहीं हैं।
अभियान के दौरान कई अपराधी पोस्टर लेकर सड़कों पर दिखाई दिए और सार्वजनिक रूप से अपराध न करने की शपथ लेते नजर आए। वायरल वीडियो में कुछ लोग हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
'योगी जी माफ करो, कसम खाते हैं भविष्य में अपराध नहीं करेंगे'
उत्तर प्रदेश : गाजियाबाद में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का विशेष अभियान लगातार जारी है.
हिस्ट्रीशीटरों और पूर्व में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे लोगों को चिन्हित कर उनका सत्यापन किया गया.
अभियान के दौरान कई लोगों… pic.twitter.com/LEbrgQzdKv
— One India News (@oneindianewscom) June 16, 2026
एक हजार से अधिक अपराधियों का हो रहा सत्यापन
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में एक हजार से अधिक चिन्हित अपराधियों का सत्यापन किया जाना है। अभियान के तहत उनके वर्तमान पते, पहचान, व्यवसाय और गतिविधियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी पुराना अपराधी दोबारा अपराध की दुनिया में सक्रिय न हो सके। यदि भविष्य में कोई चिन्हित अपराधी किसी अवैध गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपराध नियंत्रण के लिए डेटा बेस तैयार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल निगरानी नहीं बल्कि अपराध नियंत्रण की दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना भी है। सत्यापन प्रक्रिया के माध्यम से अपराधियों का अद्यतन डाटाबेस तैयार किया जा रहा है ताकि कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
प्रदेश सरकार लगातार अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है और इसी क्रम में पुलिस विभाग विभिन्न जिलों में ऐसे विशेष अभियान चला रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
गाजियाबाद का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग इसे योगी सरकार की सख्त कानून-व्यवस्था नीति का परिणाम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे पुलिस सत्यापन अभियान के प्रभाव के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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