झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस हमले के तार कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, खुफिया एजेंसियां और विशेष जांच टीम (SIT) पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई हैं।
आधी रात को संघ कार्यालय पर फेंके गए थे पेट्रोल बम
जानकारी के अनुसार 16 जून की देर रात रांची के निवारणपुर स्थित RSS कार्यालय को निशाना बनाकर पेट्रोल बम फेंके गए थे। घटना के समय कार्यालय परिसर में लगभग 20 लोग मौजूद बताए जा रहे हैं।
हालांकि सौभाग्य से पेट्रोल बम भवन के अंदर गंभीर नुकसान पहुंचाने वाली जगह पर नहीं गिरे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। लेकिन जांच एजेंसियों का मानना है कि हमलावरों का इरादा बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाने का था।
झारखंड की राजधानी रांची में RSS कार्यालय के बाहर हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। रांची सिटी SP पारस राणा के अनुसार, आरोपी ने कोतवाली पुलिस स्टेशन के बाथरूम की वेंटिलेशन खिड़की तोड़कर फरार होने का प्रयास किया।
बाद में पुलिस… pic.twitter.com/SCYSv2inyN
— One India News (@oneindianewscom) June 18, 2026
गया रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार हुए आरोपी
हमले के बाद आरोपी झारखंड से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस द्वारा जारी अलर्ट और तकनीकी निगरानी के आधार पर बिहार के गया रेलवे स्टेशन पर उन्हें पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में एक रांची और दो लोहरदगा के निवासी बताए जा रहे हैं। चौथे आरोपी की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में दो युवक कार्यालय के पास पहुंचते दिखाई देते हैं। उनके हाथों में कथित रूप से पेट्रोल से भरी बोतलें देखी गईं।
जांच में यह भी सामने आया है कि जब एक आरोपी बोतल में आग लगाकर उसे कार्यालय की ओर फेंक रहा था, उसी समय दूसरा आरोपी मोबाइल फोन से पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे।
कार्यालय को आग लगाने की थी कथित साजिश
बम निरोधक दस्ते (BDS) की जांच में पता चला कि इस्तेमाल की गई बोतलों में पर्याप्त मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ भरा गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि उद्देश्य कार्यालय में आग लगाकर बड़ा नुकसान पहुंचाना था।
मौके से कुछ संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई है, जिसकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।
ISI और सोशल मीडिया कनेक्शन की जांच
जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार आरोपियों के सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन की पड़ताल के दौरान कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे विदेशी संपर्कों की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि कथित ISI लिंक और तथाकथित “शहजाद भट्टी मॉड्यूल” से जुड़े पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। हालांकि इन दावों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
UAPA समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (UAPA) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार UAPA लगने के बाद आरोपियों के लिए जमानत प्राप्त करना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है।
SIT गठित, NIA की एंट्री की संभावना
राज्य पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। सूत्रों के अनुसार यदि जांच में अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी मामले की जांच अपने हाथ में ले सकती है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क, फंडिंग स्रोत और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से अहम मामला
सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रही हैं। जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि क्या यह एक अलग-थलग घटना थी या किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।
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