दो राज्यों में राज्यसभा की कुल तीन सीटों के लिए हुए मतदान के बाद झारखंड के नतीजे सामने आ गए हैं। झारखंड की दो सीटों पर तीन उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि मिजोरम की एक सीट पर दो प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ। झारखंड में हुए चुनाव ने राजनीतिक हलकों में विशेष रुचि पैदा की थी क्योंकि यहां मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा था।
मतगणना के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम और NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी विजयी घोषित किए गए हैं।
बैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही थी
राज्यसभा चुनाव में JMM उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की स्थिति शुरुआत से ही मजबूत मानी जा रही थी। विधानसभा में JMM के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी।
चुनाव परिणामों में बैद्यनाथ राम को 31 वोट प्राप्त हुए, जो जीत के लिए आवश्यक आंकड़े से अधिक थे। इससे JMM ने अपनी एक सीट सुरक्षित रखने में सफलता हासिल की।
झारखंड से राज्यसभा के चुनाव में NDA समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवाणी जी को जीत की बधाई , उन्हें कुल 28 मत मिले @INCIndia प्रत्याशी को केवल 20, महा गठबंधन बुरी तरह हारा@mpparimal
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) June 18, 2026
कांग्रेस उम्मीदवार को नहीं मिला अपेक्षित समर्थन
सबसे रोचक मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी के बीच माना जा रहा था।
कांग्रेस को उम्मीद थी कि उसे अपने विधायकों के अलावा सहयोगी दलों के अतिरिक्त वोट भी मिलेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कांग्रेस को महागठबंधन के अतिरिक्त समर्थन पर भरोसा था, लेकिन मतदान के परिणाम उसकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे।
प्रणव झा आवश्यक 28 मतों का आंकड़ा हासिल नहीं कर सके और चुनाव हार गए।
परिमल नाथवाणी ने दर्ज की महत्वपूर्ण जीत
NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी ने 28 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनकी जीत को झारखंड की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
चुनाव परिणामों के बाद भाजपा नेताओं ने इसे NDA की बड़ी सफलता बताया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर परिमल नाथवाणी को जीत की बधाई दी और इसे महागठबंधन की हार बताया।
राज्यसभा चुनाव में NDA की बढ़ी ताकत
राज्यसभा की कुल 27 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई है। इनमें से 24 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।
इन 24 सीटों में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 19 सीटें मिली थीं, जबकि विपक्षी दलों ने 5 सीटें जीती थीं। अब झारखंड से परिमल नाथवाणी की जीत के बाद NDA समर्थित विजेताओं की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।
मिजोरम के नतीजों पर भी नजर
जहां झारखंड के परिणाम घोषित हो चुके हैं, वहीं मिजोरम की एक राज्यसभा सीट के परिणामों का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक दलों और विश्लेषकों की नजर अब मिजोरम के अंतिम नतीजों पर टिकी हुई है।
झारखंड के नतीजों के राजनीतिक मायने
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि झारखंड राज्यसभा चुनाव के परिणाम केवल एक संसदीय चुनाव का नतीजा नहीं हैं, बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों का संकेत भी माने जा सकते हैं।
कांग्रेस उम्मीदवार की हार और निर्दलीय उम्मीदवार की जीत ने महागठबंधन की एकजुटता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं NDA इस परिणाम को अपनी रणनीतिक सफलता के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।
आने वाले समय में इन नतीजों का प्रभाव झारखंड की राजनीति और आगामी चुनावी समीकरणों पर भी देखने को मिल सकता है।
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