छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से महिला उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक महिला ने अपने पति पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
यह मामला कोरिया जिले के पटना थाना क्षेत्र के कटकोना पंडोपारा गांव का बताया जा रहा है। पीड़िता तारा बाई मूल रूप से सूरजपुर जिले की निवासी है। जानकारी के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से अपने पति जितेंद्र घसिया से अलग रह रही थी और रिश्तेदारों के यहां रहकर मजदूरी करके अपना जीवनयापन कर रही थी।
पीड़िता के बयान के अनुसार, 14 जून 2026 को उसका पति वहां पहुंचा और उस पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का आरोप लगाने लगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हुआ। महिला का आरोप है कि विवाद के बाद उसके पति ने उसके साथ गंभीर मारपीट की और उसे अपमानित करने के लिए कई अमानवीय कृत्य किए।
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके हाथ-पैर बांध दिए और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद उसके बाल काट दिए गए और सिर मुंडवा दिया गया। पीड़िता का कहना है कि उसके चेहरे पर कालिख पोतकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ ऐसा व्यवहार किया गया जिससे उसे मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किया जा सके।
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा। वायरल वीडियो को पुलिस ने जांच का महत्वपूर्ण आधार माना।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता की शिकायत और उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच के बाद आरोपी जितेंद्र घसिया की तलाश शुरू की गई।
पुलिस ने बताया कि आरोपी घटना के बाद फरार हो गया था, लेकिन तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं की मदद से उसे सूरजपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई होगी।
यह घटना एक बार फिर महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा और सामाजिक उत्पीड़न के मामलों पर गंभीर चिंता पैदा करती है। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और वायरल वीडियो की फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।
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