बेंगलुरु के एक कॉर्पोरेट डे-केयर सेंटर से बच्चों के साथ कथित क्रूरता का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि आईटी कंपनी Capgemini के HAL/ब्रुकफील्ड कैंपस में चल रहे डे-केयर सेंटर में करीब 2 से 3 साल के बच्चों को डराया, धमकाया और अमानवीय तरीके से परेशान किया गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पांच महिला केयरगिवर के खिलाफ केस दर्ज किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चों को कथित तौर पर बाथरूम में बंद किया गया, टॉयलेट जेट स्प्रे से उनके मुँह पर पानी मारा गया और एक बच्चे को फ्रंट-लोड वॉशिंग मशीन के ड्रम में बैठाकर डराया गया। वायरल वीडियो में बच्चे रोते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना ने माता-पिता और आम लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
मामला तब सामने आया जब कथित वीडियो सोशल मीडिया और WhatsApp के जरिए वायरल हुए। वीडियो में एक बच्चा टॉयलेट के अंदर बंद दिख रहा है और जोर-जोर से रो रहा है। एक अन्य वीडियो में बच्चे को टॉयलेट सीट पर बैठाकर उसके चेहरे पर जेट स्प्रे से पानी डालने का आरोप है। इसी तरह एक बच्चे को वॉशिंग मशीन के ड्रम में बैठाकर डराने की बात भी सामने आई है।
#Bengaluru Five women have been booked for allegedly abusing toddlers at a daycare. The FIR alleges children were forced into a loaded washing machine, made to sit on a commode &sprayed with a toilet jet. Case regdunder the Juvenile Justice Act #karnataka pic.twitter.com/GgNemKVRsu
— Imran Khan (@KeypadGuerilla) July 1, 2026
बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में HAL पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की है। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, FIR 29 जून को जिला बाल संरक्षण इकाई से जुड़े अधिकारी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में पांच महिला केयरगिवर को नामजद किया है और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार कितनी बार और किन-किन बच्चों के साथ किया गया। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि डे-केयर सेंटर की निगरानी व्यवस्था कैसी थी और बच्चों की सुरक्षा के लिए CCTV, सुपरविजन और स्टाफ वेरिफिकेशन जैसे सुरक्षा प्रबंध कितने प्रभावी थे।
Capgemini ने घटना के बाद बयान जारी करते हुए कहा है कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कंपनी ने कहा कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और तथ्यों की जांच में मदद कर रही है। एहतियात के तौर पर बेंगलुरु ऑन-कैंपस डे-केयर सुविधा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
इस घटना पर कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर अपने स्तर पर मामले की जांच करेगा। बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार का यह मामला कॉर्पोरेट कैंपस में चलने वाले डे-केयर सेंटरों की सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि डे-केयर सेंटर में बच्चे बेहद कम उम्र के थे और उनके माता-पिता अपने कामकाज के दौरान उन्हें सुरक्षित माहौल में छोड़ते थे। ऐसे में यह घटना माता-पिता के भरोसे, संस्थागत निगरानी और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गई है।
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