भारत और चीन के रिश्तों में सुधार के संकेतों के बीच चीन ने भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति सार्वजनिक रूप से आभार जताया है। भारत में चीन के डिफेंस अताशे रियर एडमिरल यू जियान ने केरल तट के पास आग और विस्फोट का शिकार हुए मालवाहक जहाज से चीनी नागरिकों को सुरक्षित बचाने के लिए भारत को धन्यवाद दिया।
रियर एडमिरल यू जियान ने मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी PLA की स्थापना की 99वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह बयान दिया। उन्होंने भारत और चीन की सेनाओं के बीच संवाद, विश्वास और सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
‘भारत की मदद को हम नहीं भूलेंगे’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चीनी डिफेंस अताशे ने कहा कि चीन पिछले वर्ष जून में भारतीय सैन्य बलों द्वारा की गई मदद को नहीं भूलेगा। उन्होंने बताया कि केरल तट के पास आग लगने और विस्फोट होने के बाद मालवाहक जहाज से 12 चीनी क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचाया गया था।
यह घटना जून 2025 में सिंगापुर के झंडे वाले कंटेनर जहाज MV Wan Hai 503 पर हुई थी। जहाज पर केरल के अझीक्कल तट से करीब 44 समुद्री मील दूर विस्फोट के बाद आग लग गई थी। इसके बाद भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया था। उस समय जहाज पर कुल 22 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें 14 चीनी नागरिक बताए गए थे।
भारत-चीन संबंध सही दिशा में लौटने का दावा
यू जियान ने कहा कि चीन और भारत महत्वपूर्ण पड़ोसी देश हैं और दोनों विकास एवं राष्ट्रीय पुनरुत्थान के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के रणनीतिक मार्गदर्शन में भारत-चीन संबंध एक बार फिर सुधार और विकास की सही दिशा में लौट रहे हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के बाद संबंधों को सामान्य बनाने के लिए कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत जारी है।
UN शांति अभियानों में योगदान का किया उल्लेख
चीनी डिफेंस अताशे ने संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भारतीय और चीनी सेनाओं के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं ने संयुक्त राष्ट्र के अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और बड़ी कुर्बानियां दी हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच मौजूद मतभेदों की तुलना में दोनों देशों के साझा हित कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं। इसलिए दोनों पक्षों को मतभेदों को नियंत्रित रखते हुए सहयोग के अवसरों को आगे बढ़ाना चाहिए।
सैन्य और कूटनीतिक संवाद बढ़ाने की इच्छा
रियर एडमिरल यू जियान ने कहा कि चीन भारतीय पक्ष के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है। उन्होंने राजनयिक और सैन्य माध्यमों से बातचीत जारी रखने, आपसी विश्वास बढ़ाने और संवाद के जरिए सहयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और बेहतर संवाद से चीन और भारत की जनता के हितों को आगे बढ़ाया जा सकता है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने भारत-चीन संबंधों में लगातार सुधार की कामना की।
भारत-चीन रिश्तों के लिए बड़ा संकेत
चीनी डिफेंस अताशे का यह बयान भारत-चीन संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूर्वी लद्दाख में सीमा तनाव के कारण दोनों देशों के संबंधों में लंबे समय तक तनाव बना रहा था। अब दोनों पक्ष सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के जरिए संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
भारतीय बचाव अभियान की खुले मंच से प्रशंसा और सैन्य सहयोग बढ़ाने की चीन की इच्छा को दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, सीमा से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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