लोकसभा में छात्रों पर कथित फायरिंग और गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका को लेकर दिए गए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कड़ा विरोध जताया है। बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह झूठा, भ्रामक और तथ्यों से परे बताया।
बीजेपी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने लोकसभा में दावा किया था कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने गोली चलाई और इस कार्रवाई का आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया। पात्रा ने कहा कि यह दावा पूरी तरह निराधार है क्योंकि छात्रों पर किसी प्रकार की फायरिंग हुई ही नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी तथ्यों की जगह भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं।
‘फायरिंग का आदेश गृह मंत्री नहीं देते’
संबित पात्रा ने कहा कि किसी भी प्रदर्शन, आंदोलन या कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति में कार्रवाई का निर्णय मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट परिस्थितियों के अनुसार लेते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री सीधे तौर पर ऐसी कार्रवाई का आदेश नहीं देते। इसलिए अमित शाह पर लगाया गया आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत और जनता को गुमराह करने वाला है।
उन्होंने राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि यदि उन्हें प्रशासनिक प्रक्रिया और कानून की जानकारी नहीं है तो उन्हें अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से जानकारी लेनी चाहिए। पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि “जो जागते हुए सोने का नाटक करते हैं, उन्हें जगाया नहीं जा सकता।”
#WATCH दिल्ली: भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा, "… छात्र आंदोलन में हमारी पार्टी के नेताओं ने उनसे(छात्रों से) बातचीत की और उसका समाधान निकाला… 2024 में भी कानून बना था और उसमें संशोधन करके उसे और कठोर बनाया गया। लगभग 45 सांसदों ने उसमें भाग लिया था। लोकसभा में केंद्रीय… pic.twitter.com/aS2N854IZX
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 29, 2026
‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ शब्दों पर जताई आपत्ति
बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी के भाषण में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए “इडियट” और “अंधभक्त” जैसे शब्दों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि देश का हर छात्र सम्मान का पात्र है और किसी भी छात्र को इस प्रकार के शब्दों से संबोधित करना उचित नहीं है। पात्रा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी छात्रों को अलग-अलग वर्गों में बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
अमित शाह की गैरमौजूदगी के आरोपों का भी दिया जवाब
लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए संबित पात्रा ने कहा कि अमित शाह किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में छिपकर नहीं जाते। उन्होंने दावा किया कि गृह मंत्री के सभी कार्यक्रम पहले से सार्वजनिक होते हैं और राहुल गांधी के भाषण के दौरान भी अमित शाह सदन में मौजूद थे।
पात्रा ने कहा कि केवल राजनीतिक सनसनी पैदा करने के उद्देश्य से गृह मंत्री का नाम लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने के लिए केंद्र सरकार वर्ष 2024 में कानून ला चुकी है और अब उसे और अधिक सख्त बनाने के लिए संशोधन किए जा रहे हैं।
परीक्षा सुधार कानून का भी किया जिक्र
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित विधेयक पर लोकसभा में लगभग 45 सांसदों ने चर्चा की और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इसे सदन में पेश किया। पात्रा ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।
राजनीतिक टकराव हुआ तेज
राहुल गांधी के लोकसभा में दिए गए बयान और उसके बाद बीजेपी की प्रतिक्रिया के चलते यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। कांग्रेस जहां छात्र आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रही है, वहीं बीजेपी राहुल गांधी के आरोपों को झूठा और भ्रामक बताते हुए तथ्यों के आधार पर राजनीति करने की सलाह दे रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सियासी गलियारों में और अधिक गर्मा सकता है।
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