राजस्थान के टोंक में एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी कनेक्शन के संदेह में दो युवकों को हिरासत में लिया है। जयपुर ATS और स्टेट इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर पहले 20 वर्षीय बासित को हिरासत में लिया गया। उससे पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर बुरहान नाम के एक अन्य युवक को भी पकड़ा गया। जांच एजेंसियां दोनों के कथित पाकिस्तान कनेक्शन और पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से संभावित संबंधों की जांच कर रही हैं।
अभी इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही होगी। दोनों युवकों से पूछताछ कर एजेंसियां उनके संपर्कों, ऑनलाइन गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन सहित विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
बासित से पूछताछ के बाद बुरहान हिरासत में
जानकारी के मुताबिक, ATS और स्टेट इंटेलिजेंस की टीम ने सबसे पहले टोंक निवासी 20 वर्षीय बासित को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ और मिले इनपुट के बाद जांच एजेंसी की टीम टोंक के कार बाजार के पास पहुंची और वहां दबिश देकर बुरहान नाम के दूसरे युवक को हिरासत में लिया।
कार्रवाई के दौरान इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। जांच एजेंसियों को संदेह है कि हिरासत में लिए गए दोनों युवक कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में हो सकते हैं। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित संपर्क कब और किस माध्यम से स्थापित हुआ तथा दोनों के बीच किस तरह की बातचीत हुई।
बासित के घर पर सर्च ऑपरेशन
दोनों युवकों को हिरासत में लेने के बाद कोतवाली पुलिस और जांच एजेंसियों ने बासित के घर पर भी तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और इलेक्ट्रिक स्कूटी के कुछ पुर्जे जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब जांच में इन वस्तुओं और उपलब्ध डिजिटल तथा वित्तीय रिकॉर्ड की प्रासंगिकता की पड़ताल की जा सकती है। खास तौर पर बैंक खातों और संभावित लेन-देन की जांच से यह पता लगाने की कोशिश होगी कि कोई संदिग्ध वित्तीय गतिविधि हुई थी या नहीं।
बासित के पिता हाफिज के मुताबिक, वे टोंक के धन्नातलाई इलाके में ढाबा चलाते हैं और बासित भी उनके साथ काम करता है।
जैश-ए-मोहम्मद से संभावित कनेक्शन की जांच
मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से संभावित संबंध का है। ATS और अन्य जांच एजेंसियां फिलहाल इस आशंका की जांच कर रही हैं। इसके साथ ही कथित पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क के दावे की भी पड़ताल की जा रही है।
जांच आगे बढ़ने के साथ दोनों युवकों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया गतिविधियों, ऑनलाइन कम्युनिकेशन, बैंकिंग रिकॉर्ड और संपर्कों से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
फिलहाल हिरासत और जांच को दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। आरोपों की पुष्टि जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।
जून में जयपुर की बबीता धाकड़ की हुई थी गिरफ्तारी
इस मामले से पहले जून 2026 में राजस्थान ATS ने मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर जयपुर निवासी बबीता धाकड़ को गिरफ्तार किया था। वह कथित तौर पर ‘खदीजा’ नाम से भी जानी जाती थी।
जांच एजेंसियों ने उस समय आरोप लगाया था कि बबीता सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों के संपर्क में थी। मामले में उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और ऑनलाइन बातचीत की भी जांच की गई।
ATS की जांच में यह दावा भी सामने आया था कि पाकिस्तान के बहावलपुर में मौजूद एक व्यक्ति बबीता से चैट कर रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, उसके WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स तक पाकिस्तान में मौजूद कथित हैंडलर की पहुंच होने की आशंका थी।
अब टोंक में दो युवकों को हिरासत में लिए जाने के बाद ATS की जांच एक बार फिर पाकिस्तान स्थित कथित नेटवर्क और राजस्थान में उसके संभावित संपर्कों पर केंद्रित हो गई है।
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