प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में IIT दिल्ली के दीक्षांत समारोह के दौरान स्वदेशी AI-पावर्ड हाई-परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटिंग फैसिलिटी PARAM Pragya (परम प्रज्ञा) का उद्घाटन किया। IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में स्थापित यह अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटिंग सुविधा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को नई मजबूती देने वाली है।
PARAM Pragya को C-DAC (Centre for Development of Advanced Computing) ने विकसित किया है। इसकी हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग क्षमता बड़े AI मॉडल को ट्रेन करने, विशाल डेटा सेट का विश्लेषण करने और जटिल वैज्ञानिक गणनाओं को बेहद कम समय में पूरा करने में मदद करेगी।
क्या है PARAM Pragya?
PARAM Pragya भारत की PARAM सुपरकंप्यूटर श्रृंखला की नई अत्याधुनिक प्रणाली है। ‘PARAM’ शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ ‘सर्वोच्च’ या ‘सबसे महान’ माना जाता है। PARAM को Parallel Machine से भी जोड़ा जाता है।
भारत ने वर्ष 1991 में अपना पहला स्वदेशी सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 विकसित किया था। इसके बाद देश में सुपरकंप्यूटिंग तकनीक लगातार आगे बढ़ी और कई शक्तिशाली प्रणालियां विकसित की गईं। PARAM Pragya इसी तकनीकी यात्रा को AI युग में आगे बढ़ाने वाली नई सुविधा है।
PARAM PRAGYA, designed & developed by @cdacindia under the National Supercomputing Mission supported by @GoI_MeitY & @IndiaDST, was inaugurated by Hon’ble Prime Minister Shri Narendra Modi at @iitdelhi's Sonipat campus.
With 250 PetaFLOP AI and 8 PetaFLOP HPC capacity, it… pic.twitter.com/DKcYGB46PP
— C-DAC India (@cdacindia) August 8, 2026
AI और Machine Learning के लिए क्यों खास है PARAM Pragya?
PARAM Pragya को खास तौर पर नेक्स्ट-जेनरेशन टेक्नोलॉजी, AI, डेटा साइंस और एडवांस रिसर्च की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसकी मदद से शोधकर्ता बड़े AI मॉडल, डीप लर्निंग सिस्टम और जटिल मशीन लर्निंग प्रयोग चला सकेंगे।
सामान्य कंप्यूटर जिन जटिल गणनाओं को पूरा करने में बहुत लंबा समय ले सकते हैं, उन्हें हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम कई प्रोसेसिंग यूनिट्स की मदद से समानांतर रूप से पूरा कर सकते हैं।
सिस्टम किसी बड़े काम को कई छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग प्रोसेसिंग यूनिट्स पर एक साथ प्रोसेस करता है। इसके बाद सभी परिणामों को मिलाकर अंतिम आउटपुट तैयार किया जाता है। इसी वजह से सुपरकंप्यूटर बेहद बड़े पैमाने पर गणनाएं बहुत तेजी से कर सकते हैं।
Hon’ble PM Shri @narendramodi inaugurated PARAM PRAGYA, an AI Supercomputing Facility at IIT Delhi’s Sonipat Campus, during the Institute’s convocation ceremony.
Supported under the National Supercomputing Mission (#NSM), jointly championed by @IndiaDST & @GoI_MeitY, the… pic.twitter.com/OIcQUA9kDe
— DSTIndia (@IndiaDST) August 9, 2026
GPU Cluster और AI Accelerator से लैस
PARAM Pragya में आधुनिक AI और कंप्यूटिंग हार्डवेयर का इस्तेमाल किया गया है। इसकी कंप्यूटिंग क्षमता बड़े वैज्ञानिक व AI वर्कलोड संभालने के लिए तैयार की गई है।
इसमें AI Accelerator और GPU Cluster जैसी तकनीकों का इस्तेमाल बड़े Deep Learning Models और Large Language Models यानी LLMs को ट्रेन करने में किया जा सकता है। इसके साथ तेज और सुरक्षित स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बड़े डेटा सेट को तेजी से प्रोसेस और एनालाइज करने में मदद करेगा।
मौसम और जलवायु परिवर्तन की रिसर्च में मदद
PARAM Pragya का उपयोग केवल कंप्यूटर साइंस तक सीमित नहीं रहेगा। इसका फायदा मौसम विज्ञान और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी रिसर्च में भी मिल सकता है।
सुपरकंप्यूटिंग क्षमता के जरिए मौसम के जटिल पैटर्न, चक्रवात और जलवायु परिवर्तन के संभावित प्रभावों के मॉडल तैयार करने और उनका विश्लेषण करने में शोधकर्ताओं को मदद मिल सकती है।
दवा बनाने और मेडिकल रिसर्च में उपयोग
हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग मेडिकल और फार्मास्यूटिकल रिसर्च के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। नई दवाओं की खोज के दौरान वैज्ञानिकों को बड़ी संख्या में मॉलेक्यूल और उनके संभावित प्रभावों का अध्ययन करना पड़ता है।
सुपरकंप्यूटिंग के जरिए ऐसी प्रक्रियाओं के कंप्यूटेशनल हिस्से को तेज किया जा सकता है, जिससे Drug Discovery और संबंधित रिसर्च में लगने वाले समय को कम करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
Aeronautics और Automobile सेक्टर को फायदा
PARAM Pragya का इस्तेमाल इंजीनियरिंग डिजाइन और सिमुलेशन में भी किया जा सकता है। किसी बड़ी मशीन, विमान या वाहन के वास्तविक प्रोटोटाइप तैयार करने से पहले उसके 3D मॉडल और विभिन्न परिस्थितियों में उसके प्रदर्शन का कंप्यूटेशनल परीक्षण किया जा सकता है।
इससे Aeronautics, Automobile, Engineering और Manufacturing जैसे क्षेत्रों में एडवांस रिसर्च और डिजाइन को बढ़ावा मिल सकता है।
भारतीय भाषाओं के AI मॉडल को मिल सकती है रफ्तार
भारत में AI के विकास की बड़ी चुनौतियों में भारतीय भाषाओं के लिए पर्याप्त और शक्तिशाली मॉडल तैयार करना भी शामिल है। PARAM Pragya जैसी कंप्यूटिंग सुविधाएं भारतीय भाषाओं के Large Language Models और अन्य AI मॉडल की ट्रेनिंग तथा रिसर्च में उपयोगी साबित हो सकती हैं।
इससे हिंदी, गुजराती, तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं पर केंद्रित AI रिसर्च को आगे बढ़ाने की क्षमता बढ़ सकती है।
भारत में ही जटिल वैज्ञानिक समस्याओं पर रिसर्च
PARAM Pragya की अहमियत इस बात में भी है कि भारतीय शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को एडवांस कंप्यूटिंग संसाधनों तक देश में ही पहुंच मिल सकती है। AI से लेकर इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, मौसम विज्ञान और अन्य इंटरडिसिप्लिनरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रिसर्च को इससे गति मिलने की उम्मीद है।
भारत ने PARAM 8000 से जिस स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग यात्रा की शुरुआत की थी, PARAM Pragya उसी सफर को AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के नए दौर में आगे ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
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