छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायपुर पुलिस ने शेख रेहान नाम के एक बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है, जो कथित तौर पर पिछले करीब 26 वर्षों से भारत में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, 31 वर्षीय रेहान करीब पांच साल की उम्र में अपने माता-पिता के साथ अवैध तरीके से भारत आया था और बाद में रायपुर के संजय नगर इलाके में रहने लगा।
मामले की सबसे अहम बात यह है कि रेहान के पास आधार कार्ड और भारतीय पासपोर्ट समेत कई भारतीय दस्तावेज होने की बात सामने आई है। पुलिस ने उसके दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और अब उसके माता-पिता तथा अन्य परिजनों की तलाश की जा रही है।
आधार, राशन कार्ड और भारतीय पासपोर्ट बनवाने का दावा
पुलिस के मुताबिक, शेख रेहान ने अपने माता-पिता के साथ आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज बनवा लिए थे। इतना ही नहीं, उसके पास भारतीय पासपोर्ट भी था।
बताया जा रहा है कि भारतीय पासपोर्ट के जरिए वह वीजा लेकर बांग्लादेश में अपने पैतृक गांव पावर्तीपुर भी आता-जाता रहा। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि भारतीय दस्तावेज तैयार कराने में उसकी मदद किसने की और इसके लिए किन दस्तावेजों या पतों का इस्तेमाल किया गया।
पिछले साल कार्रवाई बढ़ी तो चला गया था बांग्लादेश
रायपुर पुलिस ने पिछले साल शहर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज की थी। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान शेख रेहान अपने माता-पिता के साथ रायपुर छोड़कर कोलकाता चला गया था।
इसके बाद वह सड़क मार्ग से बांग्लादेश पहुंचा और कई महीने वहां रहने के बाद दोबारा भारत लौट आया। हाल ही में उसके रायपुर लौटने की जानकारी पुलिस को मिली, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने दोबारा भारत में प्रवेश कैसे किया और रायपुर तक पहुंचने में किन लोगों ने उसकी मदद की।
जमाल करीम नाम का बांग्लादेशी नागरिक भी गिरफ्तार
रायपुर के संजय नगर इलाके से इससे पहले जमाल करीम नाम के एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक को भी पुलिस ने पकड़ा था।
पुलिस के मुताबिक, जमाल करीम वर्ष 2013 में अपने माता-पिता के साथ अवैध रूप से भारत आया था। बाद में वह रायपुर पहुंचा और कबाड़ का काम करने लगा।
पिछले साल पुलिस की कार्रवाई तेज होने के बाद वह ओडिशा चला गया था। पुलिस के अनुसार, उसने वहां निकाह भी किया, जबकि उसकी पहली पत्नी बांग्लादेश में थी। ओडिशा में उसका एक बच्चा भी बताया गया है।
अब तक 30 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए
रायपुर पुलिस के ताजा अभियान में अब तक करीब 30 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
पुलिस ने मामले से जुड़ी जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है। कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित लोगों को बांग्लादेश भेजने की कार्रवाई की जा सकती है।
रायपुर में किराएदार सत्यापन पर पुलिस का जोर
बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने के बाद रायपुर पुलिस ने शहर में किराएदार सत्यापन अभियान भी तेज कर दिया है। मकान मालिकों को अपने किराएदारों की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, रायपुर में दो लाख से अधिक किराएदार हैं, लेकिन इनमें से केवल करीब 4,300 लोगों का ही पुलिस सत्यापन हो पाया है। इतनी कम संख्या में सत्यापन होने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस का मानना है कि बिना सत्यापन के किराए पर मकान देने से संदिग्ध लोग स्थानीय पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने में सफल हो सकते हैं।
मकान मालिकों को कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस ने मकान मालिकों से स्पष्ट कहा है कि वे किराएदारों को कमरा या मकान देने से पहले उनकी पहचान और दस्तावेजों की जांच जरूर कराएं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल किराए के लालच में बिना सत्यापन के कमरा देना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। किराएदार सत्यापन में लापरवाही बरतने वाले मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
शेख रेहान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके परिवार, भारतीय दस्तावेजों के स्रोत और उसके भारत-बांग्लादेश आने-जाने के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
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