सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका देते हुए उन बैंक खातों के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया है, जिन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत फ्रीज किया था। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने TMC की याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
TMC ने कलकत्ता हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें पार्टी को अपने तीन HDFC बैंक खातों को स्वतंत्र रूप से संचालित करने की अनुमति नहीं दी गई थी। ED का दावा है कि इन तीन खातों में करीब ₹440 करोड़ जमा हैं और इनसे जुड़े कुछ संदिग्ध फंड ट्रांसफर की जांच की जा रही है।
रोजमर्रा के खर्च के लिए पहले ही मिली है अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कलकत्ता हाई कोर्ट का आदेश संतुलित है, क्योंकि उसने TMC के रोजमर्रा के कामकाज को पूरी तरह रोकने के बजाय जरूरी खर्च के लिए बैंक खातों के इस्तेमाल की अनुमति दी हुई है।
हाई कोर्ट ने इसके लिए एक स्पेशल ऑफिसर नियुक्त किया है। पार्टी जरूरी दैनिक खर्च इस अधिकारी की निगरानी में कर सकती है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश ने सुनवाई के दौरान कहा कि 9 जुलाई के हाई कोर्ट के आदेश से पार्टी का सामान्य कामकाज पूरी तरह ठप नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि TMC मामले से जुड़े अपने सभी कानूनी और तथ्यात्मक मुद्दे कलकत्ता हाई कोर्ट में लंबित मुख्य याचिका में उठा सकती है।
तीन HDFC खातों में ₹440 करोड़ होने का ED का दावा
ED के मुताबिक TMC से जुड़े तीन HDFC बैंक खातों में लगभग ₹440 करोड़ मौजूद हैं। एजेंसी की जांच कुछ ऐसे फंड ट्रांसफर पर केंद्रित है, जो अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच किए गए थे।
जांच में आरोप है कि Carewell Aviation India और उससे जुड़ी एक कंपनी को रकम ट्रांसफर की गई। ये वित्तीय लेन-देन कथित तौर पर एक विमान और हेलिकॉप्टर की खरीद से जुड़े बताए जा रहे हैं।
हालांकि, ये फिलहाल जांच एजेंसी के आरोप हैं और मामले पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।
7 जुलाई को ED ने फ्रीज किए थे बैंक खाते
ED ने जांच और तलाशी के बाद 7 जुलाई 2026 को TMC से जुड़े खातों समेत कुल छह बैंक खातों को फ्रीज किया था।
इससे पहले 18 जून 2026 को पश्चिम बंगाल के विधायक बिस्वनाथ दास ने बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कथित तौर पर गलत तरीके से कमाई गई रकम और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के जरिए तीन HDFC बैंक खातों तक धन पहुंचाया गया।
शिकायत के बाद FIR दर्ज की गई और 23 जून 2026 को ED ने इस मामले में ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की।
TMC ने ED की कार्रवाई को बताया मनमाना
तृणमूल कांग्रेस ने खातों को फ्रीज किए जाने का विरोध करते हुए दावा किया कि ED का फैसला मनमाना है और पर्याप्त आधार के बिना लिया गया है।
पार्टी ने बैंक खातों पर लगी रोक हटाने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाई कोर्ट ने खातों को पूरी तरह स्वतंत्र रूप से चलाने की अनुमति नहीं दी और केवल जरूरी दैनिक खर्च के लिए निगरानी में इस्तेमाल की इजाजत दी।
इसके बाद TMC सुप्रीम कोर्ट पहुंची, लेकिन शीर्ष अदालत ने भी फिलहाल हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
आगे क्या होगा?
अब मामले की मुख्य सुनवाई कलकत्ता हाई कोर्ट में जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि TMC बैंक खातों को फ्रीज करने की वैधता, ED की कार्रवाई और संबंधित वित्तीय लेन-देन से जुड़े सभी मुद्दे हाई कोर्ट के सामने उठा सकती है।
फिलहाल तीन HDFC बैंक खातों पर ED की रोक जारी रहेगी, जबकि पार्टी जरूरी खर्च स्पेशल ऑफिसर की निगरानी में कर सकेगी।
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