मीडिया संगठन ‘न्यूजलॉन्ड्री’ इन दिनों कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों और अपनी आंतरिक कार्य-संस्कृति को लेकर बड़े विवादों में घिर गया है। मंगलवार (11 अगस्त 2026) को संगठन ने इन आरोपों का खंडन करते हुए अपने आंतरिक सिस्टम का बचाव किया है।
क्या है पूरा मामला?
न्यूजलॉन्ड्री पर यह संकट तब गहराया जब पूर्व कर्मचारियों ने संगठन के ‘टॉक्सिक’ वातावरण और यौन उत्पीड़न की शिकायतों को संभालने के तरीके पर सवाल खड़े किए। विवाद की जड़ में 2014 का एक पुराना लेख भी है, जो तरुण तेजपाल से संबंधित था। हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा तरुण तेजपाल को दोषी ठहराए जाने और 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद, न्यूजलॉन्ड्री द्वारा लिखे गए उस पुराने लेख की फिर से चर्चा शुरू हुई और उसे संगठन द्वारा हटा दिया गया।
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— newslaundry (@newslaundry) August 11, 2026
न्यूजलॉन्ड्री का बचाव और ICC का खुलासा
अपने बयान में न्यूजलॉन्ड्री ने पहली बार सार्वजनिक रूप से खुलासा किया है कि 2017 से अब तक उसकी ‘आंतरिक शिकायत समिति’ (ICC) को कुल 4 शिकायतें मिली हैं। संगठन का दावा है कि इन सभी मामलों पर POSH (कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम) अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है, जिसमें बर्खास्तगी और निलंबन जैसे कड़े कदम भी शामिल हैं।
संगठन ने उन आरोपों को ‘घटिया, मानहानि करने वाला और निराधार’ बताया है, जो उसके कर्मचारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे ‘कभी परफेक्ट होने का दावा नहीं करते’ और सुधार की प्रक्रिया जारी है।
दिल्ली महिला आयोग (DCW) की एंट्री
इस मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने मामले का संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष लता गुप्ता ने पुष्टि की है कि डीसीडब्ल्यू संगठन की कार्यस्थल प्रथाओं और POSH तंत्र की प्रारंभिक जांच कर रहा है।
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