अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तैनात भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन की जमकर सराहना की है। ह्यूस्टन स्थित नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर से 28 अगस्त को हुई बातचीत में ट्रंप ने अनिल मेनन के साथ अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर और जैक हैथवे को “महान अमेरिकी, महान देशभक्त और बहादुर लोग” बताया। राष्ट्रपति ने अंतरिक्ष यात्रियों के मिशन की प्रशंसा करते हुए उन्हें सुरक्षित पृथ्वी वापसी की शुभकामनाएं दीं और लौटने के बाद व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस आने का निमंत्रण भी दिया।
ट्रंप ने तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनसे बातचीत करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष मिशन के लिए चुना जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इस कार्यक्रम में अनिल मेनन की पत्नी एना मेनन भी मौजूद थीं। उन्होंने अंतरिक्ष यात्रियों के काम की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें अंतरिक्ष में देखकर बहुत अच्छा लग रहा है और पूरा देश उनके मिशन पर गर्व करता है।
स्पेसवॉक का अनुभव साझा किया
अमेरिकी अंतरिक्ष बल में कर्नल अनिल मेनन ने राष्ट्रपति ट्रंप से बातचीत के दौरान अंतरिक्ष में सेवा करने पर गर्व जताया। उन्होंने अपने स्पेसवॉक का अनुभव साझा करते हुए बताया कि रोबोटिक आर्म से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन को देखना और अमेरिका की अंतरिक्ष क्षमताओं को करीब से समझना उनके लिए गौरवपूर्ण क्षण था।
नासा के मुताबिक, अगस्त 2026 में मेनन ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर कई स्पेसवॉक किए। इनमें स्टेशन की बिजली व्यवस्था को भविष्य के उन्नयन के लिए तैयार करने और खराब स्पेस-टू-ग्राउंड एंटीना को बदलने जैसे अहम तकनीकी कार्य शामिल थे। 18 अगस्त का स्पेसवॉक 6 घंटे 23 मिनट और 25 अगस्त का स्पेसवॉक करीब 6 घंटे 30 मिनट चला।
चंद्रमा और मंगल मिशन का किया जिक्र
अनिल मेनन ने कहा कि अमेरिका अब लो-अर्थ ऑर्बिट से आगे बढ़ते हुए चंद्रमा, प्रस्तावित चंद्र बेस और मंगल मिशन की तैयारी कर रहा है। उन्होंने अमेरिका के अंतरिक्ष कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का आभार जताया। ट्रंप ने भी अपने पहले कार्यकाल में अमेरिकी स्पेस फोर्स की स्थापना को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और कहा कि भविष्य के सैन्य अभियानों एवं राष्ट्रीय सुरक्षा में अंतरिक्ष-आधारित तकनीक और खुफिया जानकारी की भूमिका लगातार बढ़ेगी।
यह बातचीत उस कार्यक्रम के बाद हुई, जिसमें ट्रंप ने अमेरिका की पहली “यूएस स्पेस अकादमी” स्थापित करने संबंधी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। प्रस्तावित संस्थान को वेस्ट पॉइंट, नौसेना अकादमी, तटरक्षक अकादमी और वायुसेना अकादमी के समान उच्च स्तर का संस्थान बनाने की योजना है।
कौन हैं अनिल मेनन?
अनिल मेनन का जन्म और पालन-पोषण अमेरिका के मिनियापोलिस में हुआ। उनके पिता भारतीय और मां यूक्रेनी मूल की हैं। नासा ने उन्हें 2021 की अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवारों की कक्षा के लिए चुना था। इससे पहले वह स्पेसएक्स के पहले फ्लाइट सर्जन और नासा के क्रू फ्लाइट सर्जन के रूप में काम कर चुके हैं।
मेनन ने 14 जुलाई 2026 को रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के सोयुज MS-29 अंतरिक्ष यान से कॉस्मोनॉट प्योत्र डुब्रोव और एना किकिना के साथ उड़ान भरी थी। तीनों का मिशन लगभग आठ महीने का है और उनके अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटने की योजना है। इस दौरान वे वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी प्रयोग और अंतरिक्ष स्टेशन के रखरखाव से जुड़े कार्य करेंगे।
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