नई दिल्ली में BRICS Summit 2026 से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। ब्रिक्स बिजनेस फोरम के साथ सम्मेलन के कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जिसमें विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल समेत कई प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हैं। भारत की मेजबानी में आयोजित हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के लिए विभिन्न सदस्य और साझेदार देशों के नेता तथा प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंच रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा भारत पहुंचे
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंच गए हैं। भारत पहुंचने पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने उनका स्वागत किया। दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स के प्रमुख सदस्य देशों में शामिल है और संगठन के विस्तार तथा ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
#WATCH | दिल्ली | दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफ़ोसा 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत पहुँचे। केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया।
दक्षिण अफ़्रीका BRICS का सदस्य देश है। pic.twitter.com/zA5WlGPfaQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 11, 2026
युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो भी दिल्ली पहुंचीं
युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो भी सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंची हैं। भारत की ओर से उनका स्वागत केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने किया। ब्रिक्स के विस्तार के बाद संगठन के सदस्य देशों के अलावा पार्टनर देशों की भागीदारी भी लगातार बढ़ी है। बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, नाइजीरिया, उज्बेकिस्तान, वियतनाम और युगांडा जैसे देशों की भागीदारी इस सम्मेलन को व्यापक वैश्विक मंच प्रदान करती है।
#WATCH | युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो BRICS समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचीं। केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह चौधरी ने उनका स्वागत किया।
बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, नाइजीरिया, उज्बेकिस्तान और वियतनाम के साथ-साथ युगांडा के पास… pic.twitter.com/UhRoe4ZCAF
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 11, 2026
BRICS India 2026 का लोगो बना आकर्षण का केंद्र
BRICS India 2026 का लोगो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इसके डिजाइन में कमल की पंखुड़ियों के माध्यम से विभिन्न BRICS देशों के रंगों और विविधता को दर्शाया गया है। वहीं ‘नमस्ते’ की मुद्रा भारतीय संस्कृति की गर्मजोशी, सम्मान और मिलकर काम करने की भावना का प्रतीक है। पूरा डिजाइन सहयोग, टिकाऊ विकास और वैश्विक सद्भाव की भावना को सामने रखता है।
BRICS India 2026 logo – the petals of the Lotus flower radiate the vibrant colors of all BRICS member countries. The 'Namaste' gesture captures India’s spirit of warmth, respect, and harmonious collaboration. The design reflects the broader BRICS vision of cooperation,… pic.twitter.com/v0mkg92p7p
— ANI (@ANI) September 11, 2026
युवाओं और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी पर भारत का जोर
इस बार भारत का विशेष फोकस युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर है। भारत चाहता है कि BRICS सदस्य और साझेदार देशों में युवाओं तथा महिलाओं को व्यापार, उद्यमिता और आर्थिक गतिविधियों में ज्यादा अवसर मिलें। बिजनेस फोरम में व्यापार और निवेश के साथ भविष्य की अर्थव्यवस्था में नई पीढ़ी की भूमिका पर भी जोर दिया जा रहा है।
दिल्ली में कड़ी सुरक्षा, हजारों सुरक्षाकर्मी तैनात
दुनियाभर के नेताओं के दिल्ली पहुंचने के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सम्मेलन से जुड़े प्रमुख स्थानों, प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने वाले होटलों और महत्वपूर्ण मार्गों पर दिल्ली पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती बढ़ाई गई है। करीब 30 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की बात सामने आई है, जिनमें दिल्ली पुलिस के हजारों जवान भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री एक ही बस से पहुंचेंगे भारत मंडपम
सम्मेलन के दौरान दिल्ली के ट्रैफिक पर दबाव कम रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री संसद भवन में एकत्र होने के बाद बसों के जरिए भारत मंडपम पहुंच सकते हैं। इसका उद्देश्य वीवीआईपी वाहनों के अलग-अलग काफिलों की संख्या कम करना और आम लोगों को ट्रैफिक संबंधी परेशानी से बचाना है।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी पहुंचे भारत
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे हैं। रूस BRICS के संस्थापक देशों में से एक है और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच भारत-रूस संबंधों पर सम्मेलन के दौरान विशेष नजर रहने वाली है।
#WATCH | Delhi: Russian Foreign Affairs Minister Sergey Lavrov arrived in India last night to take part in the BRICS Summit 2026 pic.twitter.com/UBV4w5eWTk
— ANI (@ANI) September 11, 2026
पुतिन-मोदी मुलाकात, रक्षा सहयोग रहेगा अहम
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी भारत पहुंचे हैं। उनकी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत प्रस्तावित है। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग से जुड़े विषय बातचीत के केंद्र में रह सकते हैं।
रक्षा क्षेत्र में भारत और रूस के संभावित सहयोग को लेकर भी चर्चाएं हैं। खास तौर पर Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट और S-500 एयर डिफेंस सिस्टम जैसे रूसी रक्षा प्लेटफॉर्म को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि किसी भी संभावित खरीद या समझौते को अंतिम तभी माना जाएगा, जब दोनों सरकारों की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की जाए।
Warmly welcome President Vladimir Putin of Russia for the 18th BRICS Summit. He was received by MoS @KVSinghMPGonda at the airport.
India and Russia share multifaceted and longstanding ties anchored in Special and Privileged Strategic Partnership.#BRICS2026 #BRICSIndia2026… pic.twitter.com/pwxcO2aHLt
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 10, 2026
PM मोदी ने BRICS को लेकर दिया संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS सम्मेलन को लेकर कहा कि आने वाले दिनों में दुनियाभर के नेता सम्मेलन के लिए जुटेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि वैश्विक कल्याण की भावना के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।
भारत की कोशिश BRICS के मंच के जरिए आर्थिक सहयोग, बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार, ग्लोबल साउथ की आवाज, सतत विकास, व्यापार और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों को आगे बढ़ाने की है।
अगले कुछ दिनों में दुनियाभर के नेता BRICS Summit के लिए जुटेंगे। पूर्ण विश्वास है कि सम्मेलन में विश्व कल्याण की कामना के साथ विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी।
सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्।
सद्भिर्विवादं मैत्रीं च नासद्भिः किंचिदाचरेत्॥ pic.twitter.com/YG36WlpiYg
— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2026
कई साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता भी होंगे शामिल
BRICS के सदस्य देशों के अलावा भारत ने कई साझेदार और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधियों को भी सम्मेलन में बुलाया है। बांग्लादेश, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस, थाईलैंड, मलेशिया, नाइजीरिया, युगांडा, बोलीविया और क्यूबा समेत कई देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी से दिल्ली अगले कुछ दिनों तक वैश्विक कूटनीति का प्रमुख केंद्र बनी रहेगी।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की भागीदारी भी सम्मेलन के अंतरराष्ट्रीय महत्व को बढ़ाती है।
शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर सबकी नजर
BRICS Summit 2026 में सबसे ज्यादा नजर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा पर भी रहेगी। वह लंबे अंतराल के बाद भारत की यात्रा कर रहे हैं। इससे पहले उनकी भारत यात्रा 2019 में हुई थी। ऐसे में भारत-चीन संबंधों और दोनों नेताओं के बीच संभावित संवाद को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली बनी ग्लोबल डिप्लोमेसी का केंद्र
BRICS Summit 2026 केवल सदस्य देशों की बैठक तक सीमित नहीं है। सम्मेलन के दौरान व्यापार, निवेश, विकास, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक, वैश्विक शासन व्यवस्था और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकों पर भी दुनिया की नजर रहेगी।
भारत के लिए यह सम्मेलन अपनी कूटनीतिक प्राथमिकताओं, ग्लोबल साउथ के नेतृत्व और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
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