राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस पर बड़ी बढ़त हासिल की है। प्रदेशभर में घोषित नतीजों में भाजपा ने 4,179 वार्ड में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस के खाते में 3,613 वार्ड आए। राज्य के 10 नगर निगमों में भाजपा कई प्रमुख शहरों में मजबूत स्थिति में है। वहीं बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। जयपुर, जोधपुर और कोटा के कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण चुनावी प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।
10 नगर निगमों में BJP का दमदार प्रदर्शन
राजस्थान के 10 नगर निगमों में भाजपा ने चार जगह स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और अन्य स्थानों पर भी पार्टी मजबूत स्थिति में है। बीकानेर में कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लिया है। अजमेर और पाली में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन यहां किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण निर्दलीय पार्षद मेयर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
सबसे दिलचस्प मुकाबलों में जोधपुर शामिल है, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत का राजनीतिक गढ़ माना जाता है। यहां भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। खास बात यह रही कि अशोक गहलोत के वार्ड में भाजपा ने जीत दर्ज की, जबकि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी विजयी रहा।
जयपुर में BJP ने बनाई बढ़त
जयपुर नगर निगम के 150 वार्ड में से शुरुआती तौर पर घोषित 146 परिणामों में भाजपा ने 78 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को 53 वार्ड में सफलता मिली। बाकी सीटों की चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम की तकनीकी समस्या के चलते पुनर्मतदान का फैसला लिया गया है।
उदयपुर और कोटा में भाजपा को बहुमत
उदयपुर नगर निगम के 80 वार्ड में भाजपा ने 53 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को यहां 23 वार्ड में जीत मिली, जबकि तीन सीटें निर्दलीयों और एक सीट माकपा के खाते में गई।
कोटा नगर निगम के 100 वार्ड में भाजपा ने 55 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया। इस जीत के साथ भाजपा ने प्रदेश के प्रमुख शहरी क्षेत्रों में अपनी मजबूत पकड़ का प्रदर्शन किया है।
भीलवाड़ा में भी भाजपा का प्रदर्शन मजबूत रहा। यहां 70 वार्ड में भाजपा ने 45 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 10 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 15 सीटें मिलीं।
#WATCH | Udaipur, Rajasthan | A winning BJP candidate says, "Today, in a Rajasthan city where the BJP has formed a board with an absolute majority for the seventh time in a row. On this occasion, I recognise the great teamwork shown by the respected Chief Minister Bhajanlal… https://t.co/S16brAqJzH pic.twitter.com/qOBFf11siZ
— ANI (@ANI) September 15, 2026
बीकानेर में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत
बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस के लिए अच्छी खबर आई है। यहां 80 वार्ड में कांग्रेस ने 42 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। भाजपा को 27 और निर्दलीयों को 10 सीटें मिलीं, जबकि एक वार्ड राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के खाते में गया। ऐसे में बीकानेर में कांग्रेस का मेयर बनना तय माना जा रहा है।
जोधपुर में BJP-कांग्रेस 44-44 पर
जोधपुर नगर निगम का मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। 100 सदस्यीय नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने 44-44 वार्ड जीते। निर्दलीयों ने 10 और RLP ने एक वार्ड पर जीत दर्ज की, जबकि उपलब्ध आंकड़ों के समय एक वार्ड का परिणाम बाकी था। ऐसे में अंतिम परिणाम और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका जोधपुर में सत्ता की तस्वीर तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
अजमेर और पाली में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी
अजमेर में कांग्रेस ने 37 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का स्थान हासिल किया। भाजपा को 32 और निर्दलीय उम्मीदवारों को 11 सीटें मिलीं। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण यहां मेयर पद की लड़ाई में निर्दलीय पार्षद निर्णायक साबित हो सकते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के गृह शहर पाली में भी कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। पाली के 65 वार्ड में कांग्रेस ने 29, भाजपा ने 21 और निर्दलीयों ने 15 सीटों पर जीत हासिल की। यहां भी बोर्ड और मेयर बनाने के लिए निर्दलीयों का समर्थन महत्वपूर्ण रहेगा।
भरतपुर में निर्दलीयों ने मारी बाजी
भरतपुर में भाजपा और कांग्रेस के मुकाबले निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली रहा। यहां 65 वार्ड में से 38 पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। भाजपा को 20 और कांग्रेस को केवल सात वार्ड में सफलता मिली। ऐसे में भरतपुर की स्थानीय राजनीति में निर्दलीय पार्षद सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं।
अलवर में BJP सबसे बड़ी पार्टी
अलवर में भाजपा 28 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि कांग्रेस ने 23 सीटें हासिल कीं। निर्दलीय उम्मीदवारों को 13 और बहुजन समाज पार्टी को एक सीट मिली।
वहीं झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने उल्लेखनीय जीत दर्ज की। यहां 45 वार्ड में कांग्रेस ने 29, भाजपा ने 13, निर्दलीयों ने दो और आम आदमी पार्टी ने एक सीट जीती। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रभाव वाला क्षेत्र माने जाने के कारण झालावाड़ का परिणाम राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हालांकि झालरापाटन नगरपालिका में भाजपा का दबदबा कायम रहा। यहां 35 वार्ड में भाजपा ने 22 सीटें जीतीं। कांग्रेस को आठ और आम आदमी पार्टी को पांच सीटें मिलीं।
CM भजनलाल शर्मा ने बताया ‘ऐतिहासिक जीत’
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने निकाय चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन को ‘ऐतिहासिक जीत’ करार दिया। उन्होंने नतीजों का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा के विकास मॉडल को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव परिणाम दिखाते हैं कि प्रदेश की जनता और युवा प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैं और राज्य सरकार के कामकाज पर भरोसा जता रहे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। दूसरी तरफ राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनाव नतीजों को अलग नजरिए से पेश करते हुए दावा किया कि परिणामों ने राज्य की भाजपा सरकार के प्रदर्शन को लेकर जनता की नाराजगी उजागर की है।
नगर निकाय चुनाव में भाजपा की विजय के लिए राजस्थान की देवतुल्य जनता का हृदयतल से आभार एवं समर्पित भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिनंदन!
यह जनादेश भाजपा की विकासोन्मुखी सोच, सुशासन की प्रतिबद्धता और जनसेवा के संकल्प पर जनता के अटूट विश्वास की मुहर है।#सशक्त_शहर_समृद्ध_राजस्थान pic.twitter.com/0GGnrY7hz9
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) September 14, 2026
जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत में होगा पुनर्मतदान
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने ईवीएम में तकनीकी खराबी के चलते जयपुर, जोधपुर, कोटा और सुकेत के कुछ मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराने के निर्देश दिए हैं। इन मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक दोबारा मतदान कराया जाएगा और 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना होगी।
जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 09 के बूथ 111, वार्ड 18 के बूथ 235, वार्ड 25 के बूथ 343 तथा वार्ड 34 के बूथ 477 और 484 पर पुनर्मतदान होगा। इसके अलावा जोधपुर नगर निगम के वार्ड 50 के बूथ 338, कोटा नगर निगम के वार्ड 87 के बूथ 99, वार्ड 44 के बूथ 448 और वार्ड 11 के बूथ 576 तथा सुकेत नगरपालिका के वार्ड 04 के बूथ 05 पर भी दोबारा मतदान कराया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के अनुसार इन मतदान केंद्रों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी के कारण कुछ वोटों की गिनती प्रभावित हुई थी। प्रभावित वोटों की संख्या संबंधित सीटों पर विजेता और दूसरे स्थान के उम्मीदवार के बीच अंतर से अधिक पाए जाने के बाद पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया गया।
मेयर चुनाव पर टिकी निगाहें
निकाय चुनाव के वार्ड परिणामों के बाद अब निगाहें मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव पर टिकी हैं। भाजपा कई बड़े नगर निगमों में मजबूत स्थिति में है, जबकि कांग्रेस ने बीकानेर में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। अजमेर, पाली और जोधपुर जैसे शहरों में निर्दलीय पार्षद सत्ता की चाबी अपने हाथ में रख सकते हैं। वहीं जयपुर, जोधपुर और कोटा में लंबित चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम राजनीतिक समीकरण पूरी तरह साफ होंगे।
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