मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच दिल्ली में सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी INDIA गठबंधन की अहम बैठक होने जा रही है, जिसमें SIR में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। वहीं, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी गठबंधन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है।
जानकारी के मुताबिक, विपक्ष संसद के दोनों सदनों में ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रस्ताव लाने की रणनीति पर विचार कर रहा है। सूत्रों का दावा है कि इससे संबंधित नोटिस का मसौदा तैयार किया जा चुका है और INDIA गठबंधन की बैठक में इस पर चर्चा हो सकती है।
राहुल गांधी, खरगे समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना
SIR विवाद को लेकर बुलाई गई इस बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह समेत विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की बात कही गई है।
बैठक में विपक्ष SIR के मुद्दे पर साझा रणनीति बनाने के साथ चुनाव आयोग के खिलाफ अपने आरोपों और आगामी राजनीतिक कदमों पर विचार कर सकता है।
ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष बना रहा रणनीति
SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। इसी सिलसिले में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी विपक्ष की रणनीति का हिस्सा बन गई है।
सूत्रों के मुताबिक, संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित नोटिस के मसौदे पर INDIA गठबंधन के नेताओं के बीच चर्चा के बाद आगे की रणनीति तय होने की संभावना है।
शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी पर हमला
विपक्ष की बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने INDIA गठबंधन पर निशाना साधते हुए दावा किया कि गठबंधन के सहयोगी राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के भीतर भी राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर स्वीकार्यता नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस के नेता ही उन्हें अपना नेता नहीं मान रहे हैं तो देश उन्हें नेता के रूप में कैसे स्वीकार करेगा।
शिवराज ने INDIA गठबंधन की बैठक में कुछ सहयोगी दलों और नेताओं की संभावित अनुपस्थिति का जिक्र करते हुए भी विपक्ष की एकजुटता पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि DMK बैठक में शामिल नहीं हो रही है, अखिलेश यादव दूसरी व्यस्तताओं के कारण नहीं आ रहे, AAP पहले ही बैठक में आने से इनकार कर चुकी है और उद्धव ठाकरे वर्चुअली जुड़ेंगे।
'इंडी' गठबंधन तो बैठक के पहले ही बिखर गया। डीएमके बैठक में नहीं आ रही। अखिलेश जी कहीं और व्यस्त हैं। 'आप' ने पहले ही मना कर दिया। उद्धव जी वर्चुअली जुड़ेंगे। यह क्यों हो रहा है? क्योंकि 'इंडी' गठबंधन राहुल गांधी जी को नेता मानने को तैयार ही नहीं है। राहुल जी की लीडरशिप स्वीकार… pic.twitter.com/Vnz1BAZh5c
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) September 30, 2026
‘INDIA गठबंधन बैठक से पहले ही बिखर गया’
केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी गठबंधन पर हमला जारी रखते हुए दावा किया कि INDIA गठबंधन बैठक शुरू होने से पहले ही बिखरता दिखाई दे रहा है।
उन्होंने राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के बीच मतभेद होने का आरोप लगाया। हालांकि, विपक्ष SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति बनाने के उद्देश्य से बैठक कर रहा है।
SIR पर शिवराज बोले- शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा
शिवराज सिंह चौहान ने Special Intensive Revision के मुद्दे पर भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही और अपडेट होना बेहद जरूरी है।
शिवराज के मुताबिक, ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए जिनकी मृत्यु हो चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि जो व्यक्ति देश का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शुद्ध वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मतदाता सूची का सही होना आवश्यक है।
‘हारने पर वोट चोरी का बहाना बनाता है विपक्ष’
शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव नतीजों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष चुनावी मैदान में जीत हासिल नहीं कर पाता तो हार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव प्रक्रिया को जिम्मेदार ठहराता है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव नतीजों का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि अगर चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी होती तो अखिलेश यादव की पार्टी को उत्तर प्रदेश में 37 सीटें कैसे मिलीं?
शिवराज ने अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग चुनाव परिणाम आने का उल्लेख करते हुए विपक्ष के कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता अब ऐसे आरोपों को समझती है।
SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने
SIR का मुद्दा अब बड़े राजनीतिक टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। एक तरफ विपक्ष मतदाता सूची के Special Intensive Revision की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग और CEC ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और अपडेट होना जरूरी है।
अब सभी की नजर INDIA गठबंधन की बैठक पर है, जहां SIR विवाद, CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की मांग और संसद में आगे की रणनीति पर अहम फैसला लिया जा सकता है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel