दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट की सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग और उसके बाद इजरायली यात्रियों को दी गई मेडिकल सहायता को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स और इन्फ्लुएंसर्स ने सऊदी अरब द्वारा इजरायली नागरिकों को मेडिकल सहायता दिए जाने पर नाराजगी जताई है। वहीं, दूसरी ओर कई लोगों ने संकट में फंसे यात्रियों की मदद करने के लिए सऊदी मेडिकल टीम की सराहना की है।
यह मामला उस फ्लाइट से जुड़ा है, जिसे कॉकपिट में हुई गंभीर घटना के बाद सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन रूप से उतारा गया था। फ्लाइट दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही थी और इसमें बड़ी संख्या में इजरायली यात्री सवार थे।
तबुक में इजरायली यात्रियों को मिली मेडिकल सहायता
फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग के बाद सऊदी अरब की मेडिकल टीम यात्रियों की मदद के लिए आगे आई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मेडिकल स्टाफ को यात्रियों की जांच करते हुए दिखाया गया। इन्हीं दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
कुछ पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स ने इस बात पर आपत्ति जताई कि सऊदी अरब में इजरायली नागरिकों को मेडिकल सहायता क्यों दी गई। इन प्रतिक्रियाओं में मामले को इजरायल और व्यापक मुस्लिम जगत के राजनीतिक संबंधों से जोड़कर देखा गया।
पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर ने उठाया ‘इस्लामिक उम्मत’ का सवाल
एक पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर ने वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि “इस्लामिक उम्मत को क्या हो गया है?” उसने सऊदी अरब में इजरायली यात्रियों को चिकित्सा सहायता दिए जाने पर नाराजगी जताई।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक महिला मेडिकल कर्मचारी को एक महिला यात्री की जांच करते हुए दिखाया गया। इसी दृश्य का उल्लेख करते हुए इन्फ्लुएंसर ने सवाल उठाया कि मुस्लिम जगत किस दिशा में जा रहा है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति या समूह की ऐसी प्रतिक्रिया को पूरे पाकिस्तान या सभी पाकिस्तानियों की राय के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस मुद्दे पर अलग-अलग विचार सामने आए हैं।
कैप्टन स्मित मच्छार पर भी की आपत्तिजनक टिप्पणी
पाकिस्तानी की नफरत इतने पर ही खत्म नहीं हुई, उसने आगे जान पर खेलकर प्लेन क्रैश होने से बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार का भी मजाक उड़ाया और उन्हें ‘पाजीत’ कहकर संबोधित किया। पाजीत शब्द का इस्तेमाल भारतीयों, खास तौर पर हिंदुओं और सिखों, के लिए अपमानजनक रूप में संबोधित करने के लिए किया जाता है।
कैप्टन स्मित उस फ्लाइट के भारतीय पायलट थे और घटना के दौरान उनकी भूमिका तथा साहस को लेकर भारत समेत कई जगह उनकी प्रशंसा की गई है।
सऊदी मेडिकल टीम की तारीफ में भी आए पोस्ट
एक तरफ कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इजरायली यात्रियों की मदद पर आपत्ति जताई, तो दूसरी तरफ बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाओं में सऊदी अरब की मेडिकल और आपातकालीन टीमों की मानवीय पहल की सराहना भी की गई।
हुसैन अब्दुल हुसैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सऊदी टीमों की तारीफ करते हुए कहा कि सऊदी लोगों को इन टीमों पर गर्व होना चाहिए। उन्होंने अरब परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि मुसीबत में फंसे लोगों की सहायता करना सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्यों में से एक है।
उनकी प्रतिक्रिया का सार यह था कि यात्रियों की राष्ट्रीयता या पहचान से ऊपर उठकर संकट के समय उनकी जान और स्वास्थ्य की रक्षा करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
इमरजेंसी लैंडिंग के बाद चर्चा में आया तबुक
फ्लाईदुबई की फ्लाइट को कॉकपिट में हुई गंभीर घटना के बाद सऊदी अरब के तबुक में उतारना पड़ा था। इसके बाद यात्रियों और घायल लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई। घटना से जुड़े कई वीडियो और दावे सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में रही है। उनके साहस की भारत में राजनीतिक नेताओं और आम लोगों ने प्रशंसा की है।
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