बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कथित जानलेवा हमले और फायरिंग के मामले में जांच का दायरा अब मुंबई से बढ़कर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस सनसनीखेज मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है। इन चारों पर आरोप है कि इन्होंने टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले शूटरों तक हथियार पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
पुलिस की जांच में इस हमले के तार कथित तौर पर कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले की साजिश किसने रची, हथियार कहां से आए और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का बड़ा एक्शन, चार आरोपी गिरफ्तार
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस की जांच में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को महत्वपूर्ण सफलता मिलने की जानकारी सामने आई है। स्पेशल सेल की एनडीआर टीम ने कुणाल, सुमित, राधा और बबीता नाम के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इन चारों की भूमिका हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों की व्यवस्था करने और उन्हें शूटरों तक पहुंचाने से संबंधित बताई जा रही है। आरोप है कि कुणाल और सुमित ने हथियारों का इंतजाम किया, जबकि राधा और बबीता ने इन हथियारों को मुंबई पहुंचाने का काम किया। इस कार्रवाई के बाद मुंबई पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू की।
कौन हैं राधा और बबीता? लॉरेंस बिश्नोई गैंग से क्या है कनेक्शन?
इस पूरे मामले में गिरफ्तार राधा और बबीता की कथित भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों महिलाएं उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हथियार सप्लाई नेटवर्क के लिए कूरियर के तौर पर काम करती थीं।
आरोप है कि राधा और बबीता हथियारों की खेप लेकर मुंबई पहुंची थीं। उन्होंने मुंबई के दादर इलाके में गैंग से जुड़े तीन लोगों को हथियार सौंपे थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल बाद में टाइगर श्रॉफ पर हुए कथित हमले में किया गया।
पुलिस अब दोनों महिलाओं के संपर्कों, उनके यात्रा विवरण और कथित हथियार तस्करी नेटवर्क में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या दोनों पहले भी इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल रही हैं।
कुणाल और सुमित पर हथियारों की व्यवस्था करने का आरोप
गिरफ्तार किए गए कुणाल और सुमित पर हमलावरों के लिए हथियार जुटाने का आरोप लगाया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों ने कथित तौर पर हथियारों की व्यवस्था की और इसके बाद उन्हें मुंबई तक पहुंचाने के लिए राधा और बबीता की मदद ली गई।
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन हथियारों की आपूर्ति कहां से की गई और इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन से लोग सक्रिय थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हथियारों की सप्लाई करने वाले संदिग्धों और फायरिंग करने वाले शूटरों के बीच संपर्क कैसे स्थापित हुआ था।
मुंबई पुलिस को मिली तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड
दिल्ली में चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत के समक्ष पेश किया गया। आरोपियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(1)(b) के तहत कलंदरा के माध्यम से अदालत में पेश किए जाने की जानकारी दी गई है।
इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की सीआईडी, मुंबई ने आरोपियों से हिरासत में पूछताछ और औपचारिक गिरफ्तारी की अनुमति मांगी। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया।
मुंबई पुलिस ने चारों आरोपियों को मुंबई ले जाने के लिए तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूरी दे दी। अब जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ के जरिए हथियारों की आपूर्ति, हमले की योजना और कथित गैंग नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास करेंगी।
मुंबई के जुहू में टाइगर श्रॉफ पर हुई थी फायरिंग
रिपोर्ट के अनुसार, बॉलीवुड अभिनेता जैकी श्रॉफ के बेटे टाइगर श्रॉफ रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में फुटबॉल खेलने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी बीएमडब्ल्यू कार पर कथित तौर पर हमला किया गया। बताया गया कि जब अभिनेता की कार गेट के पास मौजूद प्रशंसकों की भीड़ के बीच से गुजर रही थी, तभी दो हमलावरों ने सामने से गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमलावरों ने करीब छह से सात राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक हमलावर अभिनेता के काफी करीब पहुंच गया और कथित तौर पर सीधे उन्हें निशाना बनाने का प्रयास किया।
फायरिंग के दौरान जाम हुई बंदूक, बाल-बाल बचे टाइगर श्रॉफ
हमले से जुड़ी एक चौंकाने वाली जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक हमलावर ने जब टाइगर श्रॉफ पर निशाना साधकर गोली चलाने की कोशिश की, तो उसकी बंदूक जाम हो गई।
बताया जा रहा है कि इसी वजह से अभिनेता को सीधे गोली नहीं लगी और वह सुरक्षित बच निकले। हालांकि, इस फायरिंग की घटना में अभिनेता का ड्राइवर और घटनास्थल पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति घायल होने की जानकारी सामने आई है। इस घटना के बाद बॉलीवुड से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार हुए थे तीन कथित शूटर
इस मामले में जांच एजेंसियां पहले ही तीन कथित शूटरों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इनकी पहचान बिहार निवासी ऋतिक उर्फ रोशन (22 वर्ष), हरियाणा निवासी रेहान (18 वर्ष) और फूल सिंह (18 वर्ष) के रूप में हुई है। इन तीनों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
जांच एजेंसियों के अनुसार, तीनों आरोपी कथित तौर पर नेपाल भागने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें पकड़कर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद हथियारों की आपूर्ति करने वाले अन्य संदिग्धों तक जांच पहुंचने की जानकारी सामने आई।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली हमले की जिम्मेदारी?
टाइगर श्रॉफ पर कथित फायरिंग के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस गैंग ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस कथित हमले का आदेश किसने दिया और इसके पीछे वास्तविक मकसद क्या था।
रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि टाइगर श्रॉफ को बॉलीवुड के एक अन्य अभिनेता से उनकी नजदीकी के कारण निशाना बनाया गया हो सकता है।
हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज, कई बड़े खुलासों की संभावना
दिल्ली से चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में जांच एजेंसियों का ध्यान अब हथियार सप्लाई नेटवर्क पर केंद्रित हो गया है। जांच के दौरान आरोपियों के आपसी संपर्क, हथियारों की कथित डिलीवरी, वित्तीय लेनदेन और गैंग से संभावित संबंधों की पड़ताल की जा सकती है। पुलिस के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस नेटवर्क का इस्तेमाल अन्य आपराधिक घटनाओं में हथियार पहुंचाने के लिए किया गया था।
बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
टाइगर श्रॉफ पर कथित हमले की घटना ने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू कर दी है।
यदि जांच में संगठित अपराध गिरोह की संलिप्तता साबित होती है, तो यह मामला केवल एक अभिनेता पर हमले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े हथियार तस्करी नेटवर्क और संगठित अपराध से भी जुड़ सकता है। फिलहाल दिल्ली और मुंबई की जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
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