केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा किए गए अपने बयानों में रिजिजू ने कांग्रेस की राजनीति, भारतीय लोकतंत्र, संविधान और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्राचीन भारतीय इतिहास, चाणक्य धारावाहिक के एक दृश्य और चीनी सैन्य रणनीतिकार सुन त्जू के विचारों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि सत्ता हासिल करने की राजनीति में राष्ट्रीय हितों की अनदेखी करना देश के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी के एक पुराने बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें कांग्रेस नेता ने भारतीय राज्य के खिलाफ राजनीतिक और वैचारिक संघर्ष की बात कही थी। रिजिजू ने इसे लेकर विपक्ष पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा की बात करने वाले कुछ राजनीतिक समूहों की वास्तविक मंशा अलग है।
‘संविधान की किताब दिखाएंगे, लेकिन निशाना भारतीय संविधान होगा’ – किरेन रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उन्हें भारत के युवाओं पर गर्व है, क्योंकि वे उनके अनुसार अराजकतावादी विचारों से प्रभावित नहीं होते। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक समूह लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर आंदोलन करते हैं, लेकिन उनका वास्तविक निशाना भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था है।
रिजिजू ने अपने पोस्ट में लिखा, “मुझे भारतीय युवाओं पर गर्व है, जो अराजकतावादियों से गुमराह नहीं होते। एंटी-इंडिया गैंग लोकतंत्र के बारे में हल्ला करेगा, लेकिन उनका निशाना भारतीय लोकतंत्र है।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे लोग संविधान की किताब दिखाते हैं, लेकिन उनका लक्ष्य भारतीय संविधान होता है। वे राष्ट्रीय ध्वज लेकर सामने आते हैं, लेकिन उनके राजनीतिक उद्देश्यों को लेकर सवाल उठते हैं।
राहुल गांधी के ‘इंडियन स्टेट’ वाले बयान पर फिर छिड़ी बहस
किरेन रिजिजू ने अपने पोस्ट में राहुल गांधी के उस बयान का भी उल्लेख किया, जो कांग्रेस नेता ने नई दिल्ली में पार्टी के नए मुख्यालय के उद्घाटन के अवसर पर दिया था। राहुल गांधी ने उस समय कहा था कि उनकी राजनीतिक लड़ाई केवल भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से नहीं, बल्कि ‘इंडियन स्टेट’ से भी है। इस बयान को लेकर पहले भी भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी राजनीतिक बहस हो चुकी है।
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी को भारतीय राज्य और उसकी संस्थाओं के खिलाफ बताया था, जबकि राहुल गांधी और कांग्रेस का व्यापक राजनीतिक तर्क भाजपा तथा आरएसएस के कथित संस्थागत प्रभाव और वैचारिक प्रभुत्व के विरोध से जुड़ा रहा है। अब किरेन रिजिजू ने उसी बयान को दोबारा उठाकर कांग्रेस की राजनीतिक विचारधारा पर सवाल खड़े किए हैं।
चीनी रणनीतिकार सुन त्जू के विचारों से राहुल गांधी पर निशाना
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्राचीन चीन के प्रसिद्ध सैन्य रणनीतिकार सुन त्जू का भी उल्लेख किया। उन्होंने एक तस्वीर के माध्यम से ऐसा कथन साझा किया, जिसका आशय था कि कोई दुष्ट व्यक्ति सत्ता हासिल करने के लिए अपने ही राष्ट्र को नष्ट करने तक का प्रयास कर सकता है। रिजिजू ने इस कथन को राहुल गांधी के पुराने राजनीतिक बयान के साथ जोड़ते हुए अपनी बात रखी।
इस तुलना के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि राजनीतिक सत्ता प्राप्त करने की महत्वाकांक्षा में राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए।
‘भारत का फिर से विभाजन नहीं होना चाहिए’ – घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
किरेन रिजिजू ने अपने अगले सोशल मीडिया पोस्ट में अवैध घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लोकप्रिय ऐतिहासिक धारावाहिक ‘चाणक्य’ का एक दृश्य साझा किया और इसे भारत के प्राचीन इतिहास से जोड़ते हुए राष्ट्रीय एकता का मुद्दा उठाया।
रिजिजू ने लिखा, “अवैध घुसपैठियों को कांग्रेस पार्टी का समर्थन देखकर मुझे यह दृश्य याद आ रहा है। भारत का फिर से विभाजन नहीं होना चाहिए।” केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि इतिहास में राजनीतिक निर्णयों और बाहरी लोगों को बसाने से जुड़ी गलतियों के दूरगामी परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने मतदाता सूची में अवैध घुसपैठियों को शामिल किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मतदाता सूची की शुद्धता महत्वपूर्ण है।
चाणक्य धारावाहिक के रिपुदमन और भूरिग्राह की कहानी का किया जिक्र
किरेन रिजिजू ने अपने फेसबुक पोस्ट में प्राचीन तक्षशिला से जुड़ी रिपुदमन और भूरिग्राह की कहानी का उल्लेख किया। उनके द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, दोनों पात्र प्राचीन भारत के प्रसिद्ध नगर तक्षशिला से संबंधित थे। वर्तमान समय में तक्षशिला पाकिस्तान में स्थित है। कहानी के अनुसार, यूनानी आक्रमणों के कारण पड़ोसी क्षेत्रों से विस्थापित लोग तक्षशिला में शरण लेना चाहते थे।
रिपुदमन ने कथित तौर पर भूरिग्राह को चेतावनी दी थी कि बड़ी संख्या में बाहरी लोगों को बसाने का निर्णय भविष्य में राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता का कारण बन सकता है। दूसरी ओर, कबीले के मुखिया के रूप में भूरिग्राह शरण मांगने वाले लोगों को स्वीकार करने के पक्ष में था। रिजिजू ने इस प्रसंग का इस्तेमाल वर्तमान समय में अवैध घुसपैठ और मतदाता सूची से जुड़े विवादों के संदर्भ में किया।
Im proud of Indian youth who are not misled by the anarchists. Anti India gangs will shout about democracy but their target is Indian democracy. They will display Constitution book but they're anti Indian Constitution. They'll hold Indian flags but their real target is India. https://t.co/pivmUvKqAm pic.twitter.com/k8gszB3MrP
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) October 20, 2026
अवैध घुसपैठ और वोटर लिस्ट पर सियासी विवाद
भारत में अवैध घुसपैठ और मतदाता सूची की विश्वसनीयता लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहे हैं। भाजपा का आरोप रहा है कि कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की राजनीति के कारण अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर पर्याप्त कठोर रुख नहीं अपनाते।
दूसरी ओर, विपक्षी दल मतदाता सूची की जांच और नागरिकता सत्यापन की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा पर जोर देते रहे हैं।
भारत में मतदान का अधिकार पात्र भारतीय नागरिकों को मिलता है। विदेशी नागरिक भारतीय चुनावों में मतदान के पात्र नहीं हैं। ऐसे में मतदाता सूची से संबंधित किसी भी विवाद का समाधान चुनावी कानूनों, दस्तावेजों की जांच और निर्धारित संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर किया जाना आवश्यक है।
कौन थे सुन त्जू? जानिए ‘द आर्ट ऑफ वॉर’ का ऐतिहासिक महत्व
किरेन रिजिजू के पोस्ट में जिस चीनी विचारक सुन त्जू का उल्लेख किया गया है, उन्हें प्राचीन चीन का प्रसिद्ध सैन्य रणनीतिकार माना जाता है। सुन त्जू को प्रसिद्ध ग्रंथ ‘द आर्ट ऑफ वॉर’ (The Art of War) का रचयिता माना जाता है। यह पुस्तक युद्धनीति, नेतृत्व, रणनीतिक निर्णय, संसाधनों के उपयोग और विरोधी की क्षमताओं को समझने जैसे विषयों के लिए प्रसिद्ध है।
इस ग्रंथ के विचारों का अध्ययन केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं है। आधुनिक समय में नेतृत्व, प्रबंधन, कूटनीति और प्रतिस्पर्धात्मक रणनीतियों के संदर्भ में भी इसकी चर्चा होती है। सुन त्जू की रणनीतिक सोच में संघर्ष से पहले परिस्थितियों का आकलन, योजनाबद्ध निर्णय और संसाधनों का प्रभावी उपयोग महत्वपूर्ण माने जाते हैं। किरेन रिजिजू ने इसी ऐतिहासिक संदर्भ के जरिए समकालीन राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी टिप्पणी प्रस्तुत की।
राहुल गांधी और भाजपा के बीच वैचारिक टकराव फिर तेज
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की टिप्पणियों के बाद राहुल गांधी और भाजपा के बीच लोकतंत्र, संविधान तथा राष्ट्रीय एकता को लेकर चल रही वैचारिक बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, संवैधानिक संस्थाओं और देश की एकता से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक दलों को जिम्मेदार रुख अपनाना चाहिए।
वहीं, राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, संवैधानिक मूल्यों तथा विपक्ष की भूमिका को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते रहे हैं।
दोनों पक्षों के बीच यह मतभेद केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था की व्याख्या को लेकर व्यापक वैचारिक मतभेद को भी दर्शाता है।
राष्ट्रीय एकता और संविधान को लेकर राजनीतिक बहस
किरेन रिजिजू ने अपने सोशल मीडिया बयानों में प्राचीन इतिहास, राजनीतिक विचारों और वर्तमान चुनावी मुद्दों को जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना की है। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय एकता, अवैध घुसपैठ और भारतीय लोकतंत्र की सुरक्षा को अपने राजनीतिक तर्क का केंद्र बनाया।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel