Skip to content
Tuesday, October 27, 2026 Ahmedabad 33°C

सेंगोल हटाने की मांग पर छिड़ा बवाल, सपा से बोली BJP- ‘इसे अब कोई नहीं हटा सकता’

सेंगोल हटाने की मांग पर छिड़ा बवाल, सपा से बोली BJP- ‘इसे अब कोई नहीं हटा सकता’

आज लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अभिभाषण हुआ। इससे पहले देश में दोबारा सेंगोल हटाने की मांग पर बहस शुरू हो गई है। बीते दिन समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने संसद से सेंगोल हटाने की मांग कर डाली है। वहीं, उसके समर्थन में अखिलेश यादव ने भी बयान दिया है। साथ ही एक सपा के एक और सांसद भी इसके समर्थन में उतर आए हैं। बता दें कि सांसद आरके चौधरी ने सेंगोल क राजशाही का प्रतीक बताते हुए उसे हटाने की मांग की है।

सपा के एक और सांसद ने किया समर्थन

इसी के समर्थन में आज समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा, “400 पार का नारा इसलिए दिया गया क्योंकि वे (भाजपा) संविधान बदलना चाहते थे और लोकतंत्र की जगह राजतंत्र लाना चाहते थे। हालांकि, जनता ने उनकी भावनाओं को समझा और उन्हें स्पष्ट बहुमत नहीं दिया। आरके चौधरी की मांग सही है”

I.N.D.I.A गठबंधन आ गया अपनी बकवास लेकर वापस- बीजेपी

वहीं, तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने इसके विरोध में कहा कि अब जबकि चुनाव खत्म हो चुके हैं, इंडिया गठबंधन हमारे देश की संस्कृति और रीति-रिवाजों के खिलाफ़ अपनी बकवास लेकर वापस आ गया है। क्या यह इंडिया गठबंधन का सामूहिक रुख है और हम इस पर DMK की टिप्पणियों का इंतज़ार कर रहे हैं? हम समाजवादी सांसद को यह बताना चाहते हैं कि सेंगोल धार्मिकता का प्रतीक है, जिसे पंडित नेहरू ने निर्वासित कर दिया था और आज हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उसे उसके उचित स्थान पर पुनः स्थापित किया गया है।

के. अन्नामलाई ने कहा कि संसद में सेंगोल की पुनः बहाली तमिलनाडु के अधीनमों की उपस्थिति और आशीर्वाद में हुई। सपा सांसद द्वारा सेंगोल पर कटाक्ष करना तमिलनाडु के अधीनमों का अपमान है, जो की पिछड़े वर्ग समुदाय से आते हैं। सपा सांसद की ये टिप्पणियां थिरु सैम पित्रोदा की पुनर्नियुक्ति के बाद कोई आश्चर्य की बात नहीं है, जिन्होंने दक्षिण भारतीयों की तुलना अफ्रीकियों से की थी और दिखाया था कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम गठबंधन के सदस्य दक्षिण भारतीयों और हमारी संस्कृति के बारे में कितना सोचते हैं।

कोई हटा नहीं सकता- बीजेपी सांसद

वहीं, बीजेपी के लोकसभा सांसद खगेन मुर्मू ने आरके चौधरी के बयान का विरोध करते हुए कहा कि इन लोगों को कोई दूसरा काम नहीं है। इन्होंने संविधान के बारे में गुमराह किया है। ये लोग संविधान को मानते ही नहीं। पीएम मोदी संविधान को काफी सम्मान करते हैं। एसपी नेता के बयान पर बीजेपी सांसद महेश जेठमलानी ने कहा कि सेंगोल राष्ट्र का प्रतीक है। सेंगोल को स्थापित किया गया था, उसको अब कोई नहीं हटा सकता।

सांसद आरके चौधरी ने की हटाने की मांग

जानकारी के बता दें कि समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद आरके चौधरी ने कहा, “संविधान लोकतंत्र का प्रतीक है। अपने पिछले कार्यकाल में पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने संसद में ‘सेनगोल’ स्थापित किया। ‘सेनगोल’ का मतलब ‘राज-दंड’ होता है। इसका मतलब ‘राजा का डंडा’ भी होता है। रियासती व्यवस्था को खत्म करने के बाद देश आजाद हुआ। देश राजा के डंडे से चलेगा या संविधान से? मैं मांग करता हूं कि संविधान को बचाने के लिए संसद से सेंगोल को हटाया जाए।”

अखिलेश यादव ने कहा ये बात

इस पर समाजवादी पार्टी के मुखिया और सांसद अखिलेश ने कहा, “मुझे लगता है कि हमारे सांसद शायद ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि जब इसे (सेंगोल) स्थापित किया गया था, तो प्रधानमंत्री ने इसके सामने सिर झुकाया था। शायद शपथ लेते वक्त वह इसे भूल गए, हो सकता है कि मेरी पार्टी ने उन्हें यह याद दिलाने के लिए ऐसा कहा हो। जब प्रधानमंत्री इसके सामने सिर झुकाना भूल गए, तो शायद वह भी कुछ और चाहते थे।

Filed under India

Share this story

Latest News

Explore Districts

News from every corner of Gujarat.