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Tuesday, October 27, 2026 Ahmedabad 35°C

अब सेना का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी ठंड! माइनस 60 डिग्री में भी गर्म रखेगा ‘हिमकवच’

अब सेना का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी ठंड! माइनस 60 डिग्री में भी गर्म रखेगा ‘हिमकवच’

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने हाल ही में “हिमकवच” मल्टी-लेयर क्लोदिंग सिस्टम पेश किया है, जो अत्यधिक ठंडे मौसम में तैनात भारतीय सैनिकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। यह विशेष रूप से हिमालयी सीमाओं पर कड़े मौसम की चुनौतियों का सामना करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

हिमकवच की विशेषताएं:

  1. तापमान रेंज:
    • यह -20°C से -60°C तक के कठोर तापमान में प्रभावी है।
  2. मल्टी-लेयर डिजाइन:
    • सिस्टम कई परतों से बना है, जो इन्सुलेशन, सांस लेने की क्षमता और आराम प्रदान करता है।
    • मॉड्यूलर डिजाइन सैनिकों को आवश्यकता के अनुसार परतों को जोड़ने या हटाने की अनुमति देता है।
  3. परिक्षण:
    • हिमकवच ने सभी ऑपरेशनल सेटिंग्स में उपयोगकर्ता परीक्षणों को सफलतापूर्वक पास किया है।
  4. आराम और गतिशीलता:
    • इस गियर को सैनिकों की गतिशीलता, स्थायित्व, और समग्र दक्षता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

हिमकवच बनाम ECWCS:

हिमकवच से पहले, भारतीय सेना “एक्सट्रीम कोल्ड वेदर क्लोदिंग सिस्टम (ECWCS)” का उपयोग करती थी, जो DRDO के डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोलॉजी एंड अलाइड साइंसेज द्वारा विकसित एक तीन-स्तरीय संगठन था।

  • ECWCS:
    • तीन परतों में डिजाइन किया गया था और उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड से सुरक्षा प्रदान करता था।
  • हिमकवच की उन्नति:
    • बेहतर इन्सुलेशन और अनुकूलन क्षमता के साथ, यह अत्यधिक ठंड के मौसम में बेहतर प्रदर्शन प्रदान करता है।
    • यह सैनिकों को मौसम के आधार पर गियर को कस्टमाइज़ करने का विकल्प देता है।

भारतीय सेना के लिए महत्व:

  1. सुरक्षा चिंताओं का समाधान:
    • हिमालय की सीमाओं पर चल रहे सुरक्षा मुद्दों और शून्य से नीचे तापमान में तैनाती को ध्यान में रखते हुए, हिमकवच एक रणनीतिक कदम है।
  2. सैनिकों की दक्षता में सुधार:
    • कठोर वातावरण में यह गियर सैनिकों की गतिशीलता और सहनशक्ति में सुधार करेगा।
  3. तैनाती:
    • हिमकवच की तैनाती जल्द ही शुरू होने की संभावना है।

भारत की रणनीतिक तैयारी में योगदान:

हिमकवच जैसे आधुनिक गियर से न केवल भारतीय सेना की तैयारियों को मजबूती मिलेगी, बल्कि यह भारतीय रक्षा उद्योग की आत्मनिर्भरता की ओर एक और कदम है। यह सिस्टम ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी उत्तरी सीमाओं पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है।

हिमकवच न केवल ठंडे मौसम में सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि उनकी ऑपरेशनल क्षमता और मनोबल को भी बढ़ाएगा। यह डीआरडीओ की शोध और विकास क्षमताओं का एक और उदाहरण है, जो भारत की रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद कर रहा है।

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