अमेरिका का यूक्रेन युद्ध पर बदलता रुख अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन युद्ध को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें युद्धविराम, सैन्य वापसी, और शांतिपूर्ण समाधान की मांग की गई थी। लेकिन इस बार अमेरिका ने यूक्रेन समर्थित इस प्रस्ताव के खिलाफ रूस के साथ मतदान किया, जिससे यह साफ हो गया कि अमेरिका अब पहले जैसी स्थिति में नहीं है।
प्रस्ताव पर मतदान और अमेरिका का बदला रुख
- प्रस्ताव के पक्ष में 93 देशों ने मतदान किया, जिनमें ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और अन्य G7 देश (अमेरिका को छोड़कर) शामिल थे।
- रूस, अमेरिका, इजरायल और हंगरी सहित 18 देशों ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट डाला।
- भारत, चीन और ब्राजील सहित 65 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
यह पहली बार है जब अमेरिका ने रूस-यूक्रेन मुद्दे पर यूरोपीय देशों से अलग रुख अपनाया है। इससे पहले अमेरिका हमेशा यूरोपियन गठबंधन के साथ खड़ा नजर आता था और रूस की आक्रामकता की कड़ी निंदा करता था।
अमेरिकी नीति में बदलाव के संभावित कारण
- यूक्रेन को दी गई सैन्य मदद का प्रभाव – अमेरिका ने यूक्रेन को भारी मात्रा में सैन्य और आर्थिक सहायता दी, लेकिन युद्ध में निर्णायक जीत नहीं मिली।
- अमेरिकी घरेलू राजनीति – राष्ट्रपति जो बाइडेन को 2024 चुनावों में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, और अमेरिका के मतदाता अब यूक्रेन को दी जाने वाली भारी मदद पर सवाल उठा रहे हैं।
- यूरोप पर बढ़ती निर्भरता – अमेरिका अब चाहता है कि यूरोपीय देश यूक्रेन की मदद में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएं, जिससे वह खुद इस मुद्दे से धीरे-धीरे पीछे हट सके।
- चीन के खिलाफ रणनीति – अमेरिका अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को रूस से हटाकर चीन पर केंद्रित करना चाहता है, जो इंडो-पैसिफिक में उसके लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
क्या जेलेंस्की छोड़ देंगे राष्ट्रपति पद?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि यदि यूक्रेन को नाटो की सदस्यता या शांति की गारंटी मिलती है, तो वे राष्ट्रपति पद छोड़ने को तैयार हैं।
- यह बयान रूस के साथ संभावित शांति वार्ता की ओर इशारा करता है।
- पश्चिमी देशों में भी जेलेंस्की के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं, और यूक्रेन में युद्ध को समाप्त करने के लिए एक नया नेतृत्व उभर सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
- अमेरिका धीरे-धीरे यूक्रेन युद्ध से पीछे हट सकता है और यूरोपीय देशों को अधिक ज़िम्मेदारी सौंप सकता है।
- रूस और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों पर समन्वय बढ़ सकता है, खासकर अगर ट्रंप सत्ता में लौटते हैं।
- यूक्रेन में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना बढ़ रही है, जिससे शांति वार्ता का रास्ता खुल सकता है।
अमेरिका का यह कदम रूस-यूक्रेन युद्ध के पूरे समीकरण को बदल सकता है और वैश्विक शक्ति संतुलन पर गहरा असर डाल सकता है।