प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रोहतास जिले के बिक्रमगंज में हुई मेगा रैली केवल विकास परियोजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें उनका आक्रामक राष्ट्रवादी और चुनावी तेवर भी साफ झलका। उन्होंने जहां आतंकवाद के खिलाफ अपने संकल्प की याद दिलाई, वहीं बिहार के विकास में एनडीए की भूमिका को भी ज़ोरदार तरीके से रेखांकित किया।
“मिट्टी में मिला देंगे” – पीएम मोदी का सख्त संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
“मैंने कहा था उन्हें मिट्टी में मिला देंगे… और मैं वादा पूरा करके ही बिहार लौटा हूं।”
- यह बयान उन्होंने पहलगाम हमले के संदर्भ में दिया, जहां भारतीय जवान शहीद हुए थे।
- उन्होंने याद दिलाया कि हमले के अगले ही दिन वे बिहार आए थे और वादा किया था कि आतंक के अड्डों को नेस्तनाबूद किया जाएगा।
- अब, पीएम मोदी का दावा है कि पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया, और वही वादे की पूर्ति उन्हें फिर से बिहार लेकर आई है।
राष्ट्रवाद का सशक्त संदेश
- पीएम मोदी ने “सिंदूर उजाड़ने वालों को सजा” दिलाने की बात कहकर पुलवामा हमले और उसके बाद की एयरस्ट्राइक का संकेत दिया।
- उनका यह भाषण एक मजबूत राष्ट्रवादी भाव और सुरक्षा के वादे को निभाने की विश्वसनीयता के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
बिहार के पिछड़ेपन का जिक्र
उन्होंने कहा:
“एक समय था जब नक्सल प्रभावित इलाकों में न अस्पताल होता था, न मोबाइल टॉवर…”
- पीएम मोदी ने पुरानी सरकारों पर निशाना साधा कि उन दिनों स्कूल जलाए जाते थे, सड़क बनाने वालों की हत्या कर दी जाती थी।
- उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के संविधान में विश्वास ना रखने वाले लोगों ने बिहार को हिंसा और पिछड़ेपन में धकेला।
- नीतीश कुमार की कोशिशों और 2014 के बाद केंद्र की भागीदारी से बिहार में हालात बदलने की बात कही।
मुख्यधारा में आया बिहार
- पीएम ने कहा कि अब:
- युवाओं को अवसर मिल रहे हैं,
- बुनियादी ढांचा मजबूत हुआ है,
- और बिहार नक्सलवाद से उबरकर विकास की पटरी पर लौटा है।
राजनीतिक संदेश
- यह भाषण 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी का स्पष्ट हिस्सा है।
- पीएम मोदी ने:
- राष्ट्रवाद
- विकास
- कानून-व्यवस्था
- नक्सलवाद का खात्मा
जैसे अहम मुद्दों को एक ही मंच से साधा।