अवैध धर्मांतरण पर CM योगी का सख्त रिएक्शन: “ऐसी सजा देंगे जो समाज के लिए उदाहरण बने”
उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा हाल ही में एक संगठित अवैध धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है, जिसमें खुद को सूफी संत बताने वाले छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले पर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि राज्य में ऐसी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी जो समाज के लिए मिसाल बनेगी।
सीएम योगी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जलालुद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी।“
हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी जलालउद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपी और…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 8, 2025
उन्होंने आगे लिखा कि आरोपी और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम की इस सख्त चेतावनी के बीच बलरामपुर जिले के उतरौला में आरोपी छांगुर बाबा के घर पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। उसके अलावा गिरोह के अन्य सदस्यों की संपत्तियों पर भी प्रशासन ने बुलडोजर चलाया है।
यूपी एटीएस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह विदेशी फंडिंग, प्रेमजाल, प्रलोभन और झूठे आध्यात्मिक प्रभाव के जरिए सैकड़ों लोगों (जिनमें नाबालिग भी शामिल हैं) का अवैध रूप से धर्मांतरण करवा रहा था। एडीजी एलओ अमिताभ यश के अनुसार, गिरोह को विदेशों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग मिली थी, जिसका उपयोग धर्मांतरण गतिविधियों में किया जा रहा था।
छांगुर बाबा खुद को हजरत जलालुद्दीन पीर बाबा बताकर लोगों को भ्रमित करता था और बलरामपुर के उतरौला में एक बड़ा धर्मांतरण नेटवर्क चला रहा था।
सरकार की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से यह संदेश दिया गया है कि उत्तर प्रदेश में कानून का राज सर्वोपरि है और राष्ट्रविरोधी व समाजविरोधी गतिविधियों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।