इज़रायल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में स्थित सीरियाई सेना के मुख्यालय को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया है। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया है। जानकारी के मुताबिक, यह हमला उमय्यद स्क्वायर के आसपास हुआ, जहां सेना के मुख्यालय का प्रवेश द्वार स्थित है। इज़रायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस हमले में मुख्यालय को भारी क्षति पहुंची है।
बताया जा रहा है कि हमले में सीरियाई नागरिकों की भी मौत हुई है, हालांकि अभी तक मृतकों की संख्या या नुकसान का स्पष्ट ब्यौरा सामने नहीं आया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि इस हमले से 24 घंटे पहले ही इज़रायल और सीरिया के बीच ड्रूज़ समुदाय से जुड़े मुद्दे को लेकर एक शांति समझौता हुआ था। दोनों देशों ने तनाव कम करने के संकेत दिए थे, लेकिन इज़रायल का यह हमला कूटनीतिक मोर्चे पर एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
इज़रायल की तरफ से दावा किया गया है कि यह हमला सीरियाई सेना की गतिविधियों और ईरान समर्थित ताकतों की उपस्थिति के जवाब में किया गया है। हालांकि, सीरिया की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह घटना पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता की ओर इशारा करती है, खासकर तब जब गाजा, लेबनान और यमन जैसे अन्य मोर्चों पर भी इज़रायल सैन्य कार्रवाई में जुटा हुआ है।