25 जुलाई 2025 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई, जिससे निवेशकों को निराशा हाथ लगी। भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हाल ही में हुई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) डील के बावजूद बाजार में सकारात्मक रुख नहीं दिखा। इस डील के तहत टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और व्हिस्की जैसे प्रोडक्ट्स पर टैरिफ में कटौती की गई, जिससे उम्मीद थी कि बाजार में तेजी आएगी। लेकिन निवेशक फिलहाल इस समझौते के लॉन्ग टर्म असर का इंतजार कर रहे हैं। शुरुआती कारोबार में ही BSE सेंसेक्स 399 अंक गिरकर 81,784.97 पर और निफ्टी 136 अंक फिसलकर 24,925.70 पर बंद हुआ।
बजाज फाइनेंस, कोटक बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, रिलायंस और HUL जैसे दिग्गज शेयरों में 6% तक की गिरावट देखने को मिली। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट रही। सेक्टोरल आधार पर Nifty Financial Services और Auto इंडेक्स में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया, जबकि फार्मा और PSU बैंकों में थोड़ी तेजी रही। ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेत और दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली बाजार में गिरावट की मुख्य वजह रही। फिलहाल बाजार सेंटीमेंट के भरोसे चल रहा है और जब तक कोई ठोस घरेलू या वैश्विक संकेत नहीं मिलते, तब तक अस्थिरता बनी रह सकती है।