कर्नाटक में विशेष अदालत ने पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को एक बेहद गंभीर बलात्कार के मामले में दोषी ठहराते हुए दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(K) (प्रभुत्व का दुरुपयोग कर बलात्कार) और 376(2)(N) (एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार) के तहत दोषी पाया। अदालत ने दोनों अपराधों के लिए उन्हें अलग-अलग आजीवन कारावास की सजा दी है और प्रत्येक के लिए 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कुल 10 लाख रुपये के जुर्माने में से 7 लाख रुपये पीड़िता को मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया गया है।
कोर्ट की सुनवाई के दौरान जब न्यायाधीश ने रेवन्ना से पूछा कि उन्हें अपनी सजा या दोष सिद्धि पर क्या कहना है, तो उन्होंने भावुक होकर कहा, “मैंने एक सांसद के रूप में अच्छा काम किया है। मैं छह महीने से अपने माता-पिता से नहीं मिला हूँ। मैं एक मेधावी छात्र हूँ और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हूं। राजनीति में बहुत जल्दी आ गया था और अच्छा काम करने लगा, शायद इसी वजह से मुझे फंसाया गया है। मैं मीडिया को दोष नहीं देना चाहता, ये सब पुलिस का काम है।”
Former MP Prajwal Revanna sentenced to life imprisonment in rape case
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— ANI Digital (@ani_digital) August 2, 2025
यह मामला हासन के गन्निकाडा गेस्ट हाउस में रेवन्ना परिवार के लिए काम करने वाली 48 वर्षीय घरेलू सहायिका के यौन शोषण से जुड़ा है। एसआईटी (विशेष जांच दल) के अनुसार, प्रज्वल रेवन्ना ने न केवल इस कृत्य को अंजाम दिया बल्कि उसे अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किया था। उनके खिलाफ आईपीसी की गंभीर धाराओं के अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(E) (गोपनीयता का उल्लंघन) के तहत भी आरोप लगाए गए थे।
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता के साथ यह दुष्कर्म वर्ष 2021 में दो अलग-अलग स्थानों—हासन और बेंगलुरु स्थित उनके आवास—पर हुआ। इस मामले की जांच के दौरान एसआईटी ने कुल 113 गवाहों के बयान दर्ज किए थे और मुकदमा 18 जुलाई को समाप्त हुआ।
यह मामला तब और अधिक गंभीर हो गया जब सोशल मीडिया पर 2000 से अधिक वीडियो क्लिप्स सामने आए, जिनमें कई महिलाओं के साथ यौन शोषण को दर्शाया गया था। इसके बाद रेवन्ना के खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज हुए और वह सभी मामलों में मुख्य आरोपी हैं। उनके खिलाफ पहली एफआईआर अप्रैल 2023 में दर्ज हुई थी।
यह मामला न केवल कर्नाटक बल्कि पूरे देश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गहरी चिंता का विषय बन चुका है, और इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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