मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और सीनियर भाजपा नेता उमा भारती अक्सर मालेगांव मामले पर अपनी राय रखती रही हैं। जब इस केस के आरोपियों को बरी किया गया था, तब भी उन्होंने साध्वी प्रज्ञा से मुलाकात की थी। अब एक बार फिर उन्होंने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है।
उमा भारती ने कहा कि “इस केस में लोगों को टारगेट बनाकर झूठे आरोपों में फंसाया गया था। यह पूरी तरह हिंदू समुदाय को बदनाम करने की साजिश थी, जिसका मकसद तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देना था।”
#WATCH | On the 2008 Malegaon blast case, BJP leader Uma Bharti, in an interview to ANI, says, "…Among the few things that have to be investigated, first is my name in the Vyapam scam… People lost their lives in the 2008 Malegaon blast. Why were their names (Lt. Col. Prasad… pic.twitter.com/qPXQeUV9xP
— ANI (@ANI) August 30, 2025
उन्होंने आरोप लगाया कि इस धमाके में कई बड़े लोगों को बदनाम करने की कोशिश की गई। साध्वी प्रज्ञा और कर्नल श्रीकांत पुरोहित जैसे लोगों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। उमा भारती ने कहा कि “साध्वी प्रज्ञा को इतना प्रताड़ित किया गया कि वे ठीक से चल भी नहीं पातीं। उन्हें 100 थप्पड़ मारे गए, उनकी कुर्सी खींची गई और जब उन्होंने पानी मांगा, तो उन्हें कुछ और ही दिया गया।”
इसके अलावा, उन्होंने कर्नल पुरोहित की पत्नी का ज़िक्र करते हुए कहा कि “मैंने उनका एक इंटरव्यू देखा था जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उनके नाखून तक उखाड़ दिए गए थे।”
मालेगांव ब्लास्ट केस क्या है?
29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में एक मस्जिद के पास बम धमाका हुआ था। यह धमाका एक मोटरसाइकिल में बम लगाकर किया गया था। इस घटना में 6 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 95 लोग घायल हुए थे।
इस मामले की शुरुआती जांच महाराष्ट्र ATS ने की थी, जिसके बाद 2011 में इसकी जांच NIA को सौंपी गई। केस में मुख्य आरोपी साध्वी प्रज्ञा, कर्नल श्रीकांत पुरोहित समेत कुल 7 लोग थे। लंबे ट्रायल के बाद, वर्ष 2025 में कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
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