देश की राजधानी दिल्ली समेत चार राज्यों में चलाए गए बड़े पैमाने पर संयुक्त अभियान के बाद सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और राष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने एक साथ कार्रवाई करते हुए दिल्ली, मध्य प्रदेश, झारखंड और तेलंगाना के हैदराबाद से कुल पाँच संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सबसे अहम गिरफ्तारी अशरफ दानिश की हुई है, जो पाकिस्तान से हैंडल किए जा रहे पैन इंडिया टेरर मॉड्यूल का हेड निकला है। पुलिस की मानें तो दानिश पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था और भारत में खिलाफत घोषित करने के साथ-साथ बड़े आतंकी स्ट्राइक की साजिश रच रहा था।
जाँच एजेंसियों ने बताया कि गिरफ्तार आतंकियों में दो दिल्ली के, एक मध्य प्रदेश के, एक झारखंड के और एक हैदराबाद से पकड़ा गया है। इनमें मध्य प्रदेश के ब्यावरा से कामरान कुरैशी, राँची के एक लॉज से हेड अशरफ दानिश, दिल्ली से आफताब और सुफियान को गिरफ्तार किया गया। वहीं, तेलंगाना के हैदराबाद से एक अन्य आतंकी दबोचा गया। खुफिया इनपुट के आधार पर कई राज्यों में एक साथ दबिश दी गई और चार से पाँच राज्यों में छापेमारी के बाद यह पूरी कार्रवाई सफलतापूर्वक की गई।
Press Conference : The Special Cell busted international and interstate terror module. pic.twitter.com/nNIM2HXVfs
— Delhi Police (@DelhiPolice) September 11, 2025
स्पेशल सेल ने जब राँची स्थित लॉज में दानिश के ठिकाने पर छापा मारा, तो वहाँ से एक देसी पिस्टल, कारतूस, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, सल्फर पाउडर जैसे खतरनाक रसायन, कॉपर शीट्स, बॉल बेयरिंग्स, स्ट्रिप वायर, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, लैपटॉप, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई। पुलिस का मानना है कि यह सभी सामान IED बनाने और आतंकी हमले की तैयारी में इस्तेमाल होने वाला था। दानिश के पास नेटवर्क का संचालन करने के लिए ‘सीईओ’ नाम का कोड नेम था और संगठन में उसे गजवा लीडर के तौर पर जाना जाता था।
दानिश मूल रूप से झारखंड के बोकारो का रहने वाला है। उसके पिता पेशे से अधिवक्ता हैं। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि दानिश को लगातार ब्रेनवॉश कर आतंकी संगठन से जोड़ा गया। वह कोडरमा के एक छात्र के साथ राँची के लॉज में किराए पर रहता था, लेकिन उसने अपने रूममेट तक को आतंकी संगठन से जुड़ाव की जानकारी नहीं दी। लॉज संचालक और उसके आसपास के लोग बताते हैं कि दानिश बेहद शांत स्वभाव का था और ज्यादातर समय अपने कमरे में ही बिताता था।
पुलिस की पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आतंकियों को ट्रेनिंग के दौरान यह सिखाया जाता है कि वे कभी भी अपनी गतिविधियों की जानकारी परिवार या दोस्तों से साझा न करें, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे। पकड़े गए अन्य आतंकियों में दिल्ली का आफताब हथियार खरीदने की जिम्मेदारी संभाल रहा था। आफताब मुंबई से दिल्ली लौटते ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया और उसकी निशानदेही पर ही सुफियान को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरा मॉड्यूल सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए आपस में संपर्क में रहता था। पाकिस्तान से बैठे हैंडलर दानिश को लगातार दिशा-निर्देश दे रहे थे और भारत में स्ट्राइक की रणनीति पर काम किया जा रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मॉड्यूल भारत में किसी खास जगह पर खिलाफत का ऐलान करने और वहाँ से आतंकी गतिविधियों की शुरुआत करने की तैयारी कर रहा था। इस कार्रवाई ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़े आतंकी षड्यंत्र को समय रहते विफल करने का मौका दिया है।
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