मुंबई पुलिस ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के लगभग 10 छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इन छात्रों पर आरोप है कि उन्होंने संस्थान परिसर में बिना अनुमति के एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें दिल्ली दंगों के आरोपित शर्जील इमाम और उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए गए। यह कार्यक्रम रविवार, 12 अक्टूबर 2025 को आयोजित हुआ था और इसके वीडियो व तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। पुलिस ने यह कार्रवाई TISS प्रशासन की शिकायत पर की है।
मुंबई TISS में भारी पुलिस तैनाती; GN साईबाबा की बरसी समारोह को लेकर छात्रों से पूछताछ
मुंबई के टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के मुख्य परिसर में कई पुलिस कर्मियों ने प्रवेश किया है और वे उन छात्रों से पूछताछ कर रहे हैं जिन्होंने कल दिवंगत अधिकार कार्यकर्ता जी. एन.… pic.twitter.com/7HQEaGMWSs
— One India News (@oneindianewscom) October 14, 2025
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्यक्रम दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जी. एन. साईबाबा की पहली पुण्यतिथि के मौके पर आयोजित किया गया था। साईबाबा की मृत्यु 12 अक्टूबर 2024 को हुई थी। कार्यक्रम के दौरान कुछ छात्रों ने कथित रूप से शर्जील इमाम और उमर खालिद के समर्थन में नारे लगाए और सरकार-विरोधी बातें कही। पुलिस का कहना है कि छात्रों ने इस आयोजन के लिए न तो संस्थान से अनुमति ली थी और न ही मुंबई पुलिस से।
TISS प्रशासन ने शिकायत में कहा कि यह कार्यक्रम छुट्टी के दिन रात लगभग 9 बजे आयोजित किया गया था, और इसकी जानकारी संस्थान के प्रशासन को नहीं थी। जब कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और लोगों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुंबई पुलिस को टैग करके सवाल उठाए, तब प्रशासन को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद संस्थान ने संबंधित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की।
Breaking
Heavy police presence inside Mumbai TISS; students questioned over GN Saibaba anniversary event
Several police personnel have entered the main campus of the Tata Institute of Social Sciences (TISS) in Mumbai and are questioning students who organised a gathering to… pic.twitter.com/7tj73epmGB
— Maktoob (@MaktoobMedia) October 13, 2025
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर में छात्रों पर राष्ट्रविरोधी भावना फैलाने, सामाजिक समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ाने और गैरकानूनी जमावड़ा करने जैसी धाराएँ लगाई गई हैं। फिलहाल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो की भी तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नारेबाजी वास्तव में किसने की थी।
TISS प्रशासन ने कहा है कि संस्थान में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि की अनुमति नहीं है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। FIR में नामित छात्रों को जल्द ही शो-कॉज नोटिस जारी किए जाने की संभावना है।
गौरतलब है कि प्रोफेसर जी. एन. साईबाबा दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक थे जिन्हें माओवादी गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने लगभग दस वर्ष जेल में बिताए और बाद में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। 12 अक्टूबर 2024 को हैदराबाद में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम ने अब एक नए राजनीतिक और कानूनी विवाद को जन्म दे दिया है।