बिहार विधानसभा चुनाव में राजद की हार के बाद पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में गंभीर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। ताज़ा विवाद तब उभरा जब लालू यादव की छोटी बेटी और तेजस्वी यादव की बहन, रोहिणी आचार्य, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक चौंकाने वाला पोस्ट करते हुए अपने परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी। सिंगापुर में रहने वाली रोहिणी वही हैं जिन्होंने कुछ वर्ष पहले लालू प्रसाद यादव को किडनी दान की थी।
I’m quitting politics and I’m disowning my family …
This is what Sanjay Yadav and Rameez had asked me to do …nd I’m taking all the blame’s
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) November 15, 2025
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा, “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूँ। संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूँ।” उनके इस बयान ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ाई है, बल्कि लालू परिवार में आंतरिक कलह को और गहरा करने का काम किया है। इससे पहले लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी परिवार से अलग हो चुके हैं। उन्हें लालू प्रसाद यादव ने स्वयं RJD से निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल नाम की अपनी अलग पार्टी बनाकर इस चुनाव में RJD के खिलाफ ही मुकाबला किया।
यह पहला मौका नहीं है जब रोहिणी आचार्य या परिवार के अन्य सदस्यों ने RJD के राज्यसभा सांसद संजय यादव पर हमला बोला हो। मूल रूप से हरियाणा से आने वाले संजय यादव पर तेज प्रताप यादव कई बार “जयचंद” जैसे संकेतात्मक आरोप लगा चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेज प्रताप के ऐसे बयानों के निशाने पर भी अक्सर संजय यादव ही रहते हैं।
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