बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ ही शुक्रवार (14 नवंबर 2025) को ओडिशा के नुआपाड़ा विधानसभा उपचुनाव के परिणाम भी घोषित हो गए। इस उपचुनाव में पहली बार मैदान में उतरे भाजपा उम्मीदवार जय ढोलकिया ने 83,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने कॉन्ग्रेस और सत्तारूढ़ BJD के उम्मीदवारों को बड़े अंतर से पराजित किया।
जय ढोलकिया की इस ऐतिहासिक जीत के पीछे सिर्फ राजनीतिक कारण नहीं, बल्कि एक गहरा पारिवारिक दर्द भी छिपा है। जय ढोलकिया के पिता, राजेंद्र ढोलकिया, नुआपाड़ा के चार बार के विधायक और BJD के वरिष्ठ नेता थे। सितंबर 2025 में उनके निधन के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि BJD नेतृत्व ने उनके बीमार पिता की गंभीर उपेक्षा की। इसी उपेक्षा और निराशा के कारण जय ढोलकिया ने BJD छोड़कर भाजपा का रुख किया।

परिवार का कहना है कि BJD के शीर्ष नेताओं ने न तो बीमारी के दौरान कोई मदद की और न ही निधन के बाद संवेदना प्रकट की। जय ढोलकिया की माँ कल्पना ढोलकिया ने साफ आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इलाज के दौरान एक बार भी परिवार से मुलाकात नहीं की। जब जय ढोलकिया ने भाजपा जॉइन की, तो नवीन पटनायक ने इसे ‘उम्मीदवार चोरी’ बताया। इसके जवाब में जय ढोलकिया ने कहा कि BJD ने उनके पिता को जीवनभर दिया योगदान भुला दिया और उनकी विरासत का सम्मान नहीं किया। उन्होंने कहा, “BJD ने न तो मेरे पिता की बीमारी में साथ दिया, न उनकी विरासत का सम्मान किया। यही दर्द मुझे समझ गया कि असली सम्मान और मूल्य भाजपा में मिलता है।”
जय ढोलकिया की यह प्रचंड जीत ओडिशा की बदलती राजनीतिक तस्वीर का संकेत देती है। नतीजे साफ दिखाते हैं कि राज्य में BJD का प्रभाव लगातार कम हो रहा है, जबकि भाजपा तेजी से मजबूत हो रही है। जनता मुख्यमंत्री मोहन मांझी की सरकार के प्रति भरोसा दिखाती नजर आ रही है और यह उपचुनाव इसी राजनीतिक बदलाव की दिशा को और स्पष्ट करता है।
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