यह घटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बनारस बैंक चौक स्थित एक सरकारी स्कूल परिसर से जुड़ी है, जहाँ आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने स्कूल में हो रही लगातार छेड़छाड़ और डर का दर्द बयां किया। छात्रा का आरोप है कि उर्दू स्कूल का एक छात्र प्रार्थना के दौरान उसके पास आकर “आई लव यू” बोलता है, हाथ पकड़ता है और अश्लील इशारे करता है। विरोध करने पर वह मारपीट पर उतारू हो जाता है। छात्रा की आँखों में डर और चेहरे पर सहमापन यह साफ दिखाता है कि वह पढ़ना चाहती है, आगे बढ़ना चाहती है, लेकिन स्कूल का माहौल उसे रोज डराता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह मामला उस परिसर का है जहाँ एक ही जगह पर दो स्कूल—राजकीय उर्दू कन्या मध्य विद्यालय, पक्की सराय और राजकीय मध्य विद्यालय चंदवारा—संचालित हो रहे हैं। दोनों स्कूलों को मिलाकर करीब 800 बच्चे यहाँ पढ़ते हैं। करीब 25 साल पहले जगह की कमी के कारण उर्दू स्कूल को इसी परिसर में शिफ्ट किया गया था। शुरुआत में वह एक कमरे से चल रहा था, लेकिन समय के साथ छात्रों की संख्या बढ़ने पर नए कमरों का बँटवारा हुआ। वर्तमान में परिसर के आगे उर्दू स्कूल और पीछे चंदवारा स्कूल संचालित होता है। नाम भले ही उर्दू कन्या विद्यालय हो, लेकिन वहाँ लड़के भी पढ़ते हैं।
मामला सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को उस समय सामने आया जब चंदवारा मध्य विद्यालय की छात्राएँ प्रार्थना करा रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान उर्दू स्कूल का एक छात्र वहाँ पहुँचा और छात्राओं की ओर देखकर आपत्तिजनक शब्द बोले तथा गंदे इशारे किए। मौके पर मौजूद महिला शिक्षिका प्रियंका कुमारी को जब बच्चियों ने यह बात बताई, तो उन्होंने उर्दू स्कूल के शिक्षक को इसकी सूचना दी। छात्र को डाँटा गया, लेकिन वह बहस करने लगा।
शोर-शराबा बढ़ने पर चंदवारा स्कूल के प्रिंसिपल मुरारी कुमार मौके पर पहुँचे। उन्होंने सख्ती दिखाते हुए छात्र को वहाँ से हटाया, लेकिन वह उनसे भी उलझ गया। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद वही छात्र अपने परिजनों को लेकर स्कूल पहुँच गया। परिजनों पर आरोप है कि उन्होंने चंदवारा स्कूल की छात्राओं के साथ मारपीट की, शिक्षकों को धमकाया और प्रिंसिपल के साथ गाली-गलौज की। प्रिंसिपल के अनुसार, उन्हें हत्या की धमकी तक दी गई।
हंगामे के दौरान छात्राओं ने अपने अभिभावकों को फोन कर स्कूल बुला लिया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुँची और किसी तरह माहौल को शांत कराया। छात्राओं का कहना है कि उर्दू स्कूल के कुछ लड़के रोजाना गंदे कमेंट करते हैं, मिडिल फिंगर दिखाते हैं, गाली-गलौज करते हैं और विरोध करने पर मारपीट करते हैं। सातवीं कक्षा की एक बच्ची ने आरोप लगाया कि उसकी टाई और चोटी खींचकर उसे पीटा गया।
छात्राओं का यह भी आरोप है कि उर्दू स्कूल के शिक्षक अपने छात्रों को समझाने के बजाय उनका पक्ष लेते हैं। एक छात्रा के अभिभावक ने साफ कहा कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे अपनी बेटियों को स्कूल भेजना बंद कर देंगे। नगर डीएसपी सुरेश कुमार ने बताया कि मामले की जाँच की जा रही है। वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविंद सिन्हा ने भी जाँच का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, उर्दू कन्या मध्य विद्यालय के प्रिंसिपल मो. रिजवान ने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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