रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के आधिकारिक आवास पर एक बड़े ड्रोन हमले का दावा सामने आया है। यह घटना ऐसे संवेदनशील समय पर हुई, जब वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता पर चर्चा कर रहे थे। इस घटनाक्रम ने शांति वार्ता की दिशा भटकने की आशंकाएँ भी बढ़ा दी हैं।
रूस ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन ने उत्तर-पश्चिम रूस के नोवगोरोड क्षेत्र में स्थित राष्ट्रपति पुतिन के सरकारी आवास, जिसे वाल्डाई या डोल्गिये बोराडी रेजिडेंस कहा जाता है, पर लंबी दूरी के 91 ड्रोनों से हमला करने की कोशिश की। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी ड्रोनों को समय रहते मार गिराया, जिससे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
लावरोव ने इस हमले को “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” करार देते हुए चेतावनी दी कि ऐसे कृत्यों का उचित जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस घटना के बाद रूस शांति वार्ताओं में अपनी स्थिति की फिर से समीक्षा कर सकता है।
ट्रंप का बयान: 'मुझे इस बात से बहुत गुस्सा आया'
यूक्रेन ने पुतिन के आवास पर हमले की कोशिश की
पुतिन ने कहा था कि उन्हें हमला किया गया… यह ठीक नहीं है।
मैंने टॉमहॉक मिसाइलों को रोक दिया… एक बात है आक्रामक होना, दूसरी बात है उनके घर पर हमला करना।#Trump #Putin #Ukraine… pic.twitter.com/B9QNAMyT6N
— One India News (@oneindianewscom) December 30, 2025
इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। ट्रंप ने कहा कि पुतिन ने खुद उन्हें फोन करके बताया कि उनके घर पर हमला हुआ है। ट्रंप ने कहा, “यह अच्छा नहीं है, इससे मैं बहुत गुस्सा हूँ। यह नाजुक समय है और किसी भी नेता के घर पर हमला करना सही नहीं।” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह संभव है कि हमला वास्तव में न हुआ हो, लेकिन पुतिन ने उन्हें इसकी जानकारी दी है। व्हाइट हाउस ने इस फोन कॉल को “सकारात्मक” बताया है।
रूस का यह दावा ऐसे समय आया है, जब ट्रंप प्रशासन यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में जुटा हुआ है। इससे एक दिन पहले ही फ्लोरिडा में ट्रंप और राष्ट्रपति जेलेंस्की की मुलाकात हुई थी, जहाँ शांति समझौते को लेकर प्रगति की बात कही गई थी।
दूसरी ओर, यूक्रेन ने रूस के इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की ने इसे “पूरा झूठ और मनगढ़ंत कहानी” बताया। उन्होंने कहा कि रूस इस तरह के आरोप शांति वार्ता को कमजोर करने और यूक्रेन के खिलाफ आगे हमलों के लिए बहाना बनाने के उद्देश्य से लगा रहा है।
यूक्रेनी विदेश मंत्री ने भी इस दावे को “फर्जी” करार देते हुए कहा कि यूक्रेन केवल वैध सैन्य लक्ष्यों पर ही हमले करता है और किसी नेता के निजी आवास को निशाना बनाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
हमले के दावों के बावजूद रूस ने कहा है कि वह शांति वार्ता से पीछे नहीं हटेगा, लेकिन अपनी शर्तों को और सख्त कर सकता है। ऐसे में यह घटना यूक्रेन युद्ध में शांति की कोशिशों के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकती है, जो फिलहाल ट्रंप प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कड़ी नजर बनी हुई है।
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