नए साल के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश में त्वरित न्याय की एक मिसाल सामने आई, जब लखनऊ के इंदिरा नगर इलाके में रहने वाली अंजना को महज 24 घंटे के भीतर उनका पैतृक घर वापस दिलाया गया। यह मकान उनके पिता मेजर बिपिन चंद्र भट्ट की यादों से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने देश की सेवा करते हुए सेना में अहम भूमिका निभाई थी और जिनका 1994 में निधन हो गया था। मानसिक रूप से कमजोर अंजना लंबे समय से इलाज के चलते एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में रह रही थीं। इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ दबंगों ने कथित तौर पर जाली वसीयत और फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उनके घर पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था।
उत्तर प्रदेश के चंदौली में शहीद मेजर बिपिन भट्ट के घर पर लैंड माफिया ने कब्जा कर लिया था, लेकिन मात्र 24 घंटे के अंदर इसे वापस छुड़ाया गया।
परिवार के सीएम योगी आदित्यनाथ से संपर्क करने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घर को शहीद की बेटी अंजना भट्ट को सौंप दिया।… pic.twitter.com/2vOlPLYveM
— One India News (@oneindianewscom) January 2, 2026
अंजना की ओर से लखनऊ के गाजीपुर थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, आरोपितों ने घर का ताला तोड़कर जबरन प्रवेश किया और कीमती सामान लूट लिया। इतना ही नहीं, मकान के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ भी की गई थी। पीड़िता ने स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत की, लेकिन लंबे समय तक उसे कोई ठोस राहत नहीं मिल पाई, जिससे वह मानसिक रूप से और अधिक परेशान हो गई थीं।
आखिरकार 31 दिसंबर 2025 को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि चंदौली निवासी बलवंत यादव और मनोज कुमार यादव ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है और वहां अपने नाम का बोर्ड तक लगा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश मिलते ही लखनऊ की गाजीपुर पुलिस हरकत में आ गई और त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर ही दोनों अवैध कब्जाधारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज से आज लखनऊ में डॉ. एस. एस. धपोला जी, अध्यक्ष, निर्वाण संस्था ने शिष्टाचार भेंट की।
इस अवसर पर सुश्री अन्जना भट्ट जी एवं सुश्री रानी जी भी उपस्थित रहीं। pic.twitter.com/vvSex6LUda
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) December 31, 2025
नए साल के पहले दिन ही पुलिस की मौजूदगी में अंजना को उनका घर वापस सौंप दिया गया। वर्षों की पीड़ा के बाद जब वह अपने घर में दाखिल हुईं तो भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। उन्होंने हर कमरे में जाकर अपने पिता की यादों को महसूस किया, पूजा की और पड़ोसियों से गले लगकर रो पड़ीं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए बार-बार कहा, “थैंक यू सीएम अंकल।” मामले में लापरवाही बरतने पर एक चौकी इंचार्ज को निलंबित भी किया गया है, जिससे सरकार का यह संदेश साफ हो गया कि कमजोरों के साथ अन्याय किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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