बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएँ लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। शरियतपुर जिले में कट्टरपंथियों के हमले का शिकार हुए हिंदू दुकानदार खोकन दास की इलाज के दौरान मौत हो गई। करीब 50 वर्षीय खोकन दास अपने गाँव में एक छोटा मेडिकल स्टोर चलाते थे और साथ ही मोबाइल बैंकिंग से जुड़ा काम भी करते थे। बुधवार, 31 दिसंबर 2025 की रात जब वह दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में कुछ असामाजिक और कट्टरपंथी तत्वों ने उन्हें घेर लिया।
Bangladesh | Khokon Das, who was injured in a fire attack in Damudya Upazila of Shariatpur, passed away at 7:20 am at the National Burn Institute in Bangladesh. Dr Shaon Bin Rahman, Professor of the National Burn Institute
— ANI (@ANI) January 3, 2026
हमलावरों ने पहले धारदार हथियार से उन पर हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं, और इसके बाद ज्वलनशील पदार्थ डालकर उन्हें आग के हवाले कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए खोकन दास किसी तरह पास के तालाब में कूद पड़े, जिससे आग तो बुझ गई, लेकिन वह बुरी तरह झुलस चुके थे और अत्यधिक रक्तस्राव हो चुका था।
स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से हालत गंभीर होने पर ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। करीब दो दिनों तक चले इलाज के बावजूद गंभीर चोटों और जलने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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