लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में हिंदू युवती के शोषण और उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाने के मामले में गिरफ्तार डॉक्टर रमीज को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस गंभीर मामले की जानकारी 17 दिसंबर 2025 को ही KGMU के पैथोलॉजी विभाग के HoD वाहिद अली को दे दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई दिनों तक मामले को दबाकर रखा गया।
सूत्रों का दावा है कि यह पहला मौका नहीं था जब डॉक्टर रमीज के खिलाफ शिकायत सामने आई हो। पहले भी उस पर आरोप लग चुके थे, लेकिन KGMU प्रशासन के कुछ अधिकारियों से उसे कथित संरक्षण मिला हुआ था। बताया जा रहा है कि जब तक पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज नहीं की, तब तक विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह चुप्पी साधे रहा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई शुरू होने और मामला सार्वजनिक होने के बाद ही KGMU प्रशासन हरकत में आया और डॉक्टर रमीज को निलंबित किया गया। इस देरी को लेकर अब विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इस बीच जांच में डॉक्टर रमीज का कनेक्शन दिल्ली ब्लास्ट केस में गिरफ्तार की गई आरोपी डॉक्टर शाहीन से भी सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रमीज और शाहीन की मुलाकात एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई थी। उसी मुलाकात के बाद से रमीज पर शाहीन की विचारधारा का गहरा प्रभाव पड़ने की बात कही जा रही है।
पूछताछ के दौरान डॉक्टर रमीज ने खुद भी शाहीन से संपर्क और संबंध होने की बात स्वीकार की है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और KGMU प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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