प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर बड़ी घोषणा करते हुए ट्वीट किया कि दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। उन्होंने इसे भारत और अमेरिका के लिए “बहुत अच्छी खबर” बताते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास, साझेदारी की गहराई और आर्थिक सहयोग की नई दिशा को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और मजबूत द्विपक्षीय संबंधों के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह फ्रेमवर्क ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूती देगा और किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना भी बढ़ेगी।
Great news for India and USA!
We have agreed on a framework for an Interim Trade Agreement between our two great nations. I thank President Trump for his personal commitment to robust ties between our countries.
This framework reflects the growing depth, trust and dynamism of… https://t.co/zs1ZLzamhd
— Narendra Modi (@narendramodi) February 7, 2026
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते का फ्रेमवर्क हासिल किया है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर का बड़ा बाजार खुल सकता है। उनके अनुसार, अमेरिका भारतीय सामानों पर पारस्परिक टैरिफ घटाकर 18% तक करेगा, जिससे कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर उत्पाद, ऑर्गेनिक केमिकल्स, हस्तशिल्प और मशीनरी जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।
Under the decisive leadership of PM @NarendraModi ji, India has reached a framework for an Interim Agreement with the US. This will open a $30 trillion market for Indian exporters, especially MSMEs, farmers and fishermen. The increase in exports will create lakhs of new job… pic.twitter.com/xYSjxML6kt
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) February 7, 2026
समझौते के तहत कई उत्पादों पर टैरिफ शून्य किए जाने की बात भी सामने आई है। इसमें जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न एवं हीरे और विमान के पुर्जे शामिल हैं, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। भारत को विमान के पुर्जों पर धारा 232 के तहत छूट, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा और फार्मा सेक्टर में सकारात्मक बातचीत के परिणाम मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि इस समझौते में भारतीय किसानों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी गई है। संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पाद जैसे मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा ताकि ग्रामीण आजीविका पर कोई असर न पड़े।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह फ्रेमवर्क भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को नई मजबूती देगा, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ाएगा और वैश्विक सप्लाई चेन को अधिक भरोसेमंद बनाने में मदद करेगा। विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में यह समझौता एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel