वाराणसी पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी से जुड़े एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपित कानपुर के व्यवसायी विनोद अग्रवाल पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 5.25 करोड़ रुपये की पाँच संपत्तियों और एक बैंक खाते को फ्रीज कर दिया है। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के संकेत भी मिले हैं और जांच जारी है।
फर्जी फर्मों के जरिए चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के अनुसार, वाराणसी में कोडीन कफ सिरप तस्करी से जुड़े चार मुकदमे दर्ज हुए थे। जांच में सामने आया कि विनोद अग्रवाल फर्जी कंपनियां बनाकर सिरप की बिक्री दिखाते थे, जबकि असल में इसे असम और पश्चिम बंगाल बॉर्डर की ओर डायवर्ट किया जाता था।
#WATCH वाराणसी, उत्तर प्रदेश: अवैध और प्रतिबंधित कोडीन सिरप तस्करी मामले पर पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा, "वाराणसी में कोडीन कफ सिरप को लेकर 4 मुकदमें दर्ज हुए थे। जिसमें मुख्य स्टॉकिस्ट विनोद अग्रवाल फर्जी फर्म खोल कर सिरप की बिक्री दिखाते थे और इसकी तस्करी करते थे, जिसकी… pic.twitter.com/48qQeAL9yQ
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 12, 2026
एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि प्रयागराज की एमके हेल्थकेयर और वाराणसी की पीडी फार्मा नामक फर्जी फर्मों के जरिए फर्जी बिलिंग की जा रही थी। कागजों में सप्लाई दिखाने के बावजूद इन फर्मों तक दवा पहुंची ही नहीं, जबकि तस्करी से मिली रकम वापस अग्रवाल ब्रदर्स के खातों में भेजी जाती थी।
5 संपत्तियां और बैंक खाता सीज
सारनाथ पुलिस टीम ने कानपुर में सिविल लाइंस, जाजमऊ, बिरहाना रोड और देहली सुजानपुर स्थित पांच संपत्तियों को फ्रीज किया। इनमें से एक वाणिज्यिक और बाकी आवासीय संपत्तियां हैं। तीन संपत्तियां विनोद अग्रवाल, एक उनकी पत्नी सविता अग्रवाल और एक बेटे शिवम अग्रवाल के नाम पर दर्ज है। साथ ही करीब 37 लाख रुपये वाला बैंक खाता भी सीज किया गया है।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने 11 नवंबर 2025 को अग्रवाल ब्रदर्स पर छापा मारकर अनियमितताओं का खुलासा किया था। इसके बाद फरार चल रहे विनोद अग्रवाल को 25 जनवरी 2026 को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल वह पुलिस रिमांड पर है और NDPS एक्ट की धारा 68F के तहत कार्रवाई जारी है।
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