देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे AI Impact Summit 2026 के बीच एक बड़ा विवाद सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, रोबोटिक डॉग के डिस्प्ले को लेकर हुए विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को AI समिट एक्सपो क्षेत्र तुरंत खाली करने के लिए कहा गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब इवेंट से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वायरल वीडियो में यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि एक रोबोटिक डॉग को अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित प्रोडक्ट के रूप में पेश करते दिखाई दिए। हालांकि बाद में पता चला कि यह रोबोटिक डॉग चीन की रोबोटिक्स कंपनी Unitree Robotics द्वारा बनाया गया कमर्शियली उपलब्ध मॉडल Unitree Go2 है। समिट में इस रोबोट को “ओरियन” नाम से प्रदर्शित किया गया था।
विवाद के बाद बढ़ा मामला
AI Impact Summit में चीनी निर्मित रोबोडॉग के डिस्प्ले को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद आयोजकों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एक्सपो क्षेत्र खाली करने के निर्देश दिए। इस घटनाक्रम के बाद तकनीकी और अकादमिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
#WATCH | Delhi | Following row over display of a Chinese-made robodog at AI Impact Summit, Galgotias University Professor Dr Aishwarya Shrivastava says," We never claimed that we manufactured it (robodog), it was only a part of our AI investment. It got misinterpreted in a big… pic.twitter.com/xnVUPlQIi0
— ANI (@ANI) February 18, 2026
यूनिवर्सिटी ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. ऐश्वर्या श्रीवास्तव ने कहा कि संस्थान ने कभी यह दावा नहीं किया कि रोबोटिक डॉग उन्होंने बनाया है। उनके अनुसार, यह डिवाइस केवल AI निवेश और छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से प्रदर्शित किया गया था और इसे गलत तरीके से समझा गया।
— Galgotias University (@GalgotiasGU) February 17, 2026
यूनिवर्सिटी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि रोबोटिक प्रोग्रामिंग छात्रों को AI एप्लिकेशन सीखाने की उनकी शैक्षणिक पहल का हिस्सा है। संस्थान ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ “प्रोपेगैंडा” चलाया जा रहा है और नकारात्मकता से छात्रों का मनोबल प्रभावित हो सकता है।
AI शिक्षा और टेक्नोलॉजी पर जोर
बयान में कहा गया कि यूनिवर्सिटी का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीक तक पहुंच देना और वास्तविक दुनिया की स्किल्स विकसित करना है, ताकि वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। AI टैलेंट डेवलपमेंट को आज के समय की बड़ी जरूरत बताते हुए संस्थान ने इनोवेशन और लर्निंग पर अपने फोकस को दोहराया।
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