मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Kim Jong Un ने उत्तर कोरिया के नए 5,000 टन वजनी विध्वंसक पोत से रणनीतिक क्रूज मिसाइलों का परीक्षण कर दुनिया का ध्यान खींच लिया है। यह परीक्षण उस समय हुआ है जब क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं।
दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी Yonhap News Agency ने उत्तर कोरिया की आधिकारिक एजेंसी Korean Central News Agency (KCNA) के हवाले से बताया कि किम ने पश्चिमी बंदरगाह शहर नाम्पो के शिपयार्ड से 5,000 टन के “चोए ह्योन” श्रेणी के विध्वंसक पोत से समुद्र से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के लॉन्च का निरीक्षण किया।
‘चोए ह्योन’ विध्वंसक: समुद्री ताकत का नया प्रतीक
किम जोंग उन ने कहा कि यह परीक्षण नए युद्धपोत की क्षमताओं का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे उत्तर कोरिया की समुद्री रक्षा में “आमूलचूल परिवर्तन” का प्रतीक बताया।
यह 5,000 टन का “चोए ह्योन-श्रेणी” विध्वंसक उत्तर कोरिया की नई नौसैनिक रणनीति का हिस्सा है। अप्रैल 2025 में इस बहुउद्देशीय युद्धपोत का अनावरण किया गया था।
इससे पहले जून में उत्तर कोरिया ने 5,000 टन का एक और विध्वंसक “कांग कोन” भी लॉन्च किया था। सियोल के रक्षा श्वेत पत्र के अनुसार, “चोए ह्योन” श्रेणी के विकास से पहले उत्तर कोरिया का सबसे उन्नत युद्धपोत केवल 1,500 टन का फ्रिगेट था।
परमाणु क्षमता का संकेत?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर कोरिया “रणनीतिक” शब्द का इस्तेमाल कर यह संकेत दे रहा है कि इन मिसाइलों में परमाणु क्षमता हो सकती है।
KCNA के अनुसार, नाम्पो शिपयार्ड में निर्माणाधीन तीसरा विध्वंसक अक्टूबर में सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की वर्षगांठ तक पूरा होने की उम्मीद है।
वैश्विक तनाव के बीच बढ़ती आक्रामकता
हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर कार्रवाई और अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उत्तर कोरिया ने इसे “अवैध आक्रमण” और “संप्रभुता का उल्लंघन” बताया।
उत्तर कोरिया ने पिछले कुछ वर्षों में रूस और चीन के साथ रक्षा समझौते भी किए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि क्षेत्रीय संघर्ष की स्थिति में ये समीकरण वैश्विक राजनीति को और जटिल बना सकते हैं।
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