असम में भारतीय वायुसेना का एक सुखोई-30 लड़ाकू विमान गुरुवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह विमान ट्रेनिंग मिशन पर था और जोरहाट से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद रडार से उसका संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान के असम के कार्बी आंगलोंग जिले में दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी सामने आई।
जोरहाट एयरफोर्स बेस से भरी थी उड़ान
जानकारी के अनुसार, सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान ने असम के जोरहाट स्थित रोवरिया एयरफोर्स बेस से उड़ान भरी थी। गुरुवार शाम करीब 7:42 बजे के बाद विमान का रडार से संपर्क टूट गया। इसके बाद आशंका जताई गई कि विमान कार्बी आंगलोंग के पहाड़ी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
Su-30MKI, जो एक ट्रेनिंग मिशन पर था, जोरहाट से लगभग 60 किमी दूर असम के कार्बी आंगलोंग इलाके में क्रैश हो गया। सर्च ऑपरेशन जारी है: इंडियन एयर फ़ोर्स https://t.co/eHRUVdJnGd
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 5, 2026
पहाड़ी इलाके में जोरदार धमाके की आवाज
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गुरुवार शाम करीब 7 बजे इलाके की एक ऊंची पहाड़ी से जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज आसपास की पहाड़ियों में गूंज उठी और लोगों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के तुरंत बाद पहाड़ियों की दिशा से आग का बड़ा गोला उठते हुए भी देखा गया, जिससे विमान दुर्घटना की आशंका और मजबूत हो गई।
वन क्षेत्र में हुआ हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना कार्बी आंगलोंग जिले के चोकीहोला इलाके के नीलिप ब्लॉक के पास एक दूरस्थ पहाड़ी और वन क्षेत्र में हुई है। यह इलाका रिहायशी बस्तियों से काफी दूर है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए घटनास्थल तक तुरंत पहुंचना मुश्किल रहा।
कार्बी आंगलोंग जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने वन क्षेत्र में विमान दुर्घटना देखी है और घटनास्थल की तस्वीरें भी साझा की हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
वायुसेना और प्रशासन ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि विमान का पता लगाने के लिए तलाश अभियान शुरू कर दिया गया है। पायलट के बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटनास्थल तक पहुंचने के लिए टीम भेजी गई है, लेकिन इलाके के पहाड़ी और घने जंगलों से घिरे होने के कारण सटीक स्थान का पता लगाना चुनौतीपूर्ण है।
मौके के लिए रवाना हुई एम्बुलेंस
जोरहाट स्थित वायुसेना अस्पताल से पांच एम्बुलेंस कार्बी आंगलोंग के लिए रवाना कर दी गई हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
क्या है सुखोई-30 एमकेआई
सुखोई-30 एमकेआई दो सीटों वाला लंबी दूरी का बहु-भूमिका लड़ाकू विमान है। इसे रूसी कंपनी सुखोई ने विकसित किया है, जबकि भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इसके निर्माण का काम करती है।
भारतीय वायुसेना के बेड़े में इस समय 260 से अधिक सुखोई-30 एमकेआई विमान शामिल हैं, जो देश की वायु सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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