Imphal (Manipur) में जनगणना प्रक्रिया के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन (JFD) के बैनर तले राज्य के लोगों ने जनगणना के विरोध में प्रदर्शन किया।
यह विरोध प्रदर्शन इंफाल के प्रसिद्ध Ima Keithel (इमा मार्केट) में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
पुलिस की कार्रवाई, कई लोग घायल
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
इस कार्रवाई में कथित तौर पर पांच प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग?
जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन (JFD) के असिस्टेंट सेक्रेटरी (ऑर्गनाइजेशन) नाओरेम वांगम्बा ने कहा कि संगठन पारदर्शी डिलिमिटेशन प्रक्रिया और न्यायसंगत जनगणना की मांग कर रहा है।
उन्होंने मांग की कि:
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1951 को बेस कट-ऑफ वर्ष मानकर प्रक्रिया की जाए
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अवैध प्रवासियों की पहचान होने तक जनगणना टाली जाए
#WATCH | Imphal | People from across Manipur, under the aegis of the Just and Fair Delimitation (JFD), stage a protest against the ongoing census process in the state. Protesters are gathered at Ima Market in Imphal against the census exercise. Police fire tear gas shells to… pic.twitter.com/Ty7o8FBhhD
— ANI (@ANI) March 11, 2026
उनका कहना है कि अगर अवैध प्रवासियों की पहचान किए बिना जनगणना की जाती है, तो उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में कानूनी मान्यता मिलने का खतरा हो सकता है।
केंद्र सरकार को दिया गया था ज्ञापन
JFD ने बताया कि संगठन ने 15 दिसंबर 2025 को Amit Shah को एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया था कि मणिपुर में जनगणना को तब तक स्थगित किया जाए जब तक:
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अवैध प्रवासियों की पहचान न हो जाए
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राज्य में चल रहा जातीय संघर्ष समाप्त न हो जाए
NRC अपडेट की भी मांग
संगठन ने यह भी मांग की है कि किसी भी जनगणना से पहले National Register of Citizens (NRC) को अपडेट किया जाए।
पहले भी हुआ था विरोध मार्च
इससे पहले 6 मार्च को सेंट्रल विलेज डिफेंस फोर्स (CVDF) ने Churachandpur में रोड मार्च निकाला था। यह मार्च जातीय हिंसा में मारे गए लोगों के लिए न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
पूर्व विधायक की मौत के बाद बढ़ा आक्रोश
Vungzagin Valte, जो थानलोन से Bharatiya Janata Party के पूर्व विधायक थे, उनकी 20 फरवरी 2026 को मौत हो गई थी।
वे मई 2023 में मणिपुर में हुई जातीय हिंसा के दौरान भीड़ के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
2023 की हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग
प्रदर्शनकारियों ने Kuki-Zo community और Meitei community के बीच 2023 में हुई हिंसा में मारे गए सभी निर्दोष लोगों के लिए न्याय की मांग की।
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